ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेेश।
श्रावण मास के पहले सोमवार को बम बम भोले हर हर महादेव के जयकारों के साथ एक लाख से अधिक कांवड़ियों और शिवभक्तों ने प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन किए और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। सोमवार को दर्शन और जलाभिषेक के विशेष महात्म्य के चलते पौराणिक शिवधाम में बीते रविवार की रात से ही शिवभक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। रात करीब दो बजे से शिवालय में जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ प्राचीन शिवालय के कपाट खोल दिए गए थे।
नीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन को आए श्रद्धालुओं ने तीर्थनगरी में मोक्षदायिनी में डुबकी लगाने के बाद प्राचीन शिवधाम की यात्रा के लिए प्रस्थान किया। चांद्र मास के पहले सोमवार को पौराणिक नीलकंठ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान बीती मध्यरात्रि से सोमवार देर शाम तक नीलकंठ धाम में दर्शन के लिए शिव भक्तों का तांता लगा रहा। सांध्यकालीन आरती के बाद भी शिवालय में दर्शन और जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने दूध, दही और धतूरा चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा की।
इस दौरान नीलकंठ महादेव के दर्शनों को पहुंचे कांवड़ियों ने करीब दो किमी. लंबी लाइनों में लगकर घंटों अपनी बारी का इंतजार किया और भगवान शिव के प्राचीन मंदिर के दर्शन व जलार्पण किया। श्रावण मेले में कई शिवभक्तों ने जलाभिषेक करने तक पैरों में घुंघरु बांधकर, डमरु बजाते हुए और लगातार बम बम भोले हर हर महादेव के जयकारे लगाकर शिव को प्रसन्न करने को कठिन व्रत भी रखा। श्रावण मास के पहले सोमवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी आदि प्रांतों से गंगा जल लेने हरिद्वार पहुंचे शिवभक्तों ने तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा स्नान के बाद से नीलकंठ महादेव के दर्शन के लिए यात्रा शुरू की।