ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
कांवड़ यात्रा में तैनाती से पूर्व देहरादून से एडीजी अशोक कुमार मुनिकीरेती में पुलिसकर्मियों को ब्रीफ करने पहुंचे। उन्होंने व्यवस्थाओं का फीडबैक लेना शुरू किया। इसी बीच पता चला कि कुछ सेक्टर प्रभारी अभी आए ही नहीं हैं, जिस पर एडीजी, बोले ब्रीफिंग का क्या मतलब होता है। उनका कहना था कि सभी सेक्टर प्रभारियों को मौजूद रहना चाहिए था। वायरलेस अधिकारी भी एडीजी को ब्रीफिंग में ढूंढे नहीं मिले। बृहस्पतिवार को कांवड़ यात्रा में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए एडीजी ने पुलिसकर्मियों को ब्रीफ किया। उनकी ब्रीफिंग में सुपर जोन और जोन व सेक्टर प्रभारियों को बुलाया गया था।
शुरुआत में नरेंद्रनगर सीओ जेपी जुयाल ने एडीजी के सामने मुनिकीरेती क्षेत्र में पुलिस की तैयारियों की जानकारियां देनी शुरू की। इस दौरान अचानक एडीजी ने माइक उठाया और सवाल किया कि सेक्टर प्रभारियों को ड्यूटी से अवगत करा दिया गया है। जरा वह बता दें कि कौन-कौन सेक्टर प्रभारी की क्या ड्यूटी है। बस इतने में अव्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई। एडीजी को हॉल में गिने-चुने सेक्टर प्रभारी मौजूद मिले। इसके बाद उन्होंने अगला सवाल किया कि वायरलेस अधिकारी की ड्यूटी भी लगी है। बस क्या था कि वायरलेस अधिकारी का नाम आते ही अधिकारी एक-दूसरे का मुंह देखने लगे।