गोपेश्वर/देवाल। चमोली जिले में बारिश से बंद सड़कें गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बन गई हैं। जिले में दस गर्भवती महिलाएं हैं जिनका प्रसव अगस्त के प्रथम सप्ताह में होना है लेकिन रास्ता बंद होने से उन्हें प्रसव के लिए अस्पताल कैसे पहुंचाया जाएगा यह समस्या बनी हुई है। चमोली जिले में बारिश से मलबा आने से 17 सड़कें बंद पड़ी हैं जिनके जल्द खुलने के आसार भी नहीं हैं। ऐसे में गांवों में न एएनएम जा पा रही हैं और न ही ग्रामीण अस्पतालों तक पहुंच रहे हैं।
चमोली जिले के सबसे दूरस्थ निजमूला घाटी में चार दिनों से बिरही-निजमूला सड़क बंद पड़ी है। यहां गौंणा गांव के पास मोटर पुल चट्टान टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया है। घाटी के पाणा, ईराणी, झींझी, दुर्मी और पगना गांव में सात, कुलिंग में एक और वाण में दो गर्भवती महिलाएं हैं, जिनका प्रसव अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में प्रसव होना है। सड़कें बंद होेने से महिलाओं को अस्पताल तक लाने में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पगना, दुर्मी, ईराणी, पाणा गांवों को यातायात से जोड़ने वाला बिरही-निजमूला-गोणा मोटर मार्ग छह दिनों से बंद है। यहां मलबा अधिक होने से पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने भी सड़क खोलने से मना कर दिया है। ईराणी गांव निवासी दिनेश सिंह का कहना है कि प्रशासन को यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करना चाहिए।
13 दिन बाद भी नहीं खुले मार्ग
वहीं कुलिंग और वाण गांव की सड़कें 13 दिन बाद भी नहीं खुल पाई हैं। वाण की एएनएम गायत्री देवी ने बताया कि कुलिंग और वाण गांव के लिए जल्द सड़क न खुली और नई सड़क न बनी तो ग्रामीणों के सामने गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने की चुनौती होगी। वाण के क्षेत्र पंचायत सदस्य हीरा पहाड़ी और प्रधान खीमी राम ने बताया कि सड़क बंद होने से गांव में राशन के साथ ही दवाओं की किल्लत हो गई है। गर्भवती महिलाओं को यदि इस दौरान प्रसव पीड़ा होती है तो कैसे अस्पताल पहुंचाया जाएगा यह समस्या बनी है।
कोट
संबंधित एएनएम और स्वास्थ्य अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं से लगातार संपर्क में रहने के लिए कहा गया है। गर्भवती महिलाओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए उन्हें प्रसव के निश्चित समय से एक सप्ताह पहले ही अस्पतालों तक पहुंचाया जाएगा। - डा. तृप्ति बहुगुणा, सीएमओ।
जिले में रुक-रुककर भारी बारिश हो रही है, जिससे चट्टानों से मलबा सड़कों पर आ रहा है। निजमूला सड़क को खोलने के लिए कंप्रेशर मशीन और जेसीबी मौके पर भेज दी गई है। अन्य सड़कों को भी खोलने का काम चल रहा है। जिन स्थानों पर सड़कें पूरी तरह से ध्वस्त हैं, वहां वैकल्पिक मार्ग बनाए जा रहे हैं इसमें समय लगेगा। - राजकुमार, ईई, पीएमजीएसवाई, चमोली।