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अस्पताल में डॉक्टर और स्टॉफ पर ड्यूटी से गायब रहने का आरोप

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ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
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पशुपालकों ने पशु चिकित्सालय अस्पताल में तैनात डॉक्टर और अन्य स्टॉफ पर अक्सर ड्यूटी से गायब रहने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से कर पत्र भी सौंपा। उन्होंने चिकित्सक और स्टॉफ के नियमित रूप से अस्पताल में नहीं बैठने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पशुपालकों को आरोप है कि महीने में एक दिन चिकित्सक और अन्य स्टॉफ अस्पताल में आते हैं और रजिस्ट्रर में हस्ताक्षर कर घर लौट जाते है। अस्पताल में चिकित्सक और स्टॉफ के न होने से पशुपालकों को विकासनगर और कालसी से महंगे दाम पर प्राइवेट डॉक्टरों को बुलाना पड़ता है। जब भी लोग पशुओं के इलाज और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए अस्पताल पहुंचते हैं तो वहां ताला लटका मिलता है। टुंगरा गांव के जयपाल रावत का कहना है कि शनिवार को दिन में उनकी दुधारू गाय बीमार हो गई। जिसके बाद उन्होंने इलाज के लिए अस्पताल में तैनात पशु चिकित्साधिकारी को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद वह विकासनगर से निजी डॉक्टर को लेकर घर के लिए चल दिए। लेकिन तब तक उनकी गाय ने दम तोड़ दिया था।
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ग्रामीणों का कहना है कि इलाज के अभाव में रोजाना पशु दम तोड़ रहे है। कई बार मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है बावजूद अस्पताल में ताला लटका रहा है।
उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसबी पांडेय ने बताया कि मामले में ग्रामीणों की लिखित शिकायत मिली है। डॉक्टर और अन्य स्टॉफ का जवाब तलब किया जाएगा। जल्द ही अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर बैठने लगेंगे।
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पत्र सौंपने वालों में दिगंबर चौहान, जयपाल रावत, कुंवर सिंह, राजेंद्र जोशी, भाव सिंह, केशर सिंह, चमन सिंह, राजेंद्र सिंह, सबल सिंह, सरदार सिंह, भोपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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