ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
जल संस्थान और लोनिवि की लापरवाही के कारण जौनसार बावर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में पानी का संकट बना हुआ है। लोगों को पानी पीने के लिए भी तरसना पड़ रहा है। मजबूर लोगों को खड्ड के दूषित पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। दूषित पानी पीने से लोगों को डायरिया का खतरा भी सता रहा है।
इस 42 किमी लंबी पेयजल लाइन से 40 से भी अधिक गांवों की आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है। लेकिन पांच दिन पूर्व सिजला मोटर मार्ग निर्माण के दौरान पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे सलगा, खमरोली, पजिटिलानी, जिसऊ-सुरेऊ, भंजरा, डांडा, देऊ डांडा, देसऊ समेत एक दर्जन गांव में पानी का संकट खड़ा हो गया है। करीब 3000 की आबादी को प्यास बुझाने के लिए 1-2 किमी दूर खड्ड की दौड़ लगानी पड़ती है। उसमें भी लोगों को बारिश के कारण दूषित पानी ही नसीब हो रहा है। लोगों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था में निकल रहा है। देऊ गांव के गोपाल सिंह चौहान, सुरेऊ गांव के टीकम सिहं चौहान, पजिटीलानी से गीता राम शर्मा, सावन सिहं तोमर आदि का कहना है कि पेयजल आपूर्ति ठप होने से लोगों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था में निकल रहा है। बड़े से लेकर छोटे तक को पानी ढोने के काम में लगना पड़ रहा है। कहा यदि शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं होती तो लोगों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
वहीं, जल संस्थान के जेई बीएस रावत ने बताया कि मोटर मार्ग निर्माण के दौरान हुई ब्लास्टिंग से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता को पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।