जोशीमठ। जोशीमठ-मलारी हाईवे मंगलवार को सेना और आईटीबीपी के भारी वाहनों की आवाजाही के लिए भी सुचारु हो गया है। तमक नाले में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से हाईवे अवरुद्ध हो गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने हाईवे से मलबा हटाकर मंगलवार को वाहनों की आवाजाही सुचारु करा दी। हालांकि अभी भी हाईवे किनारे मलबा और बोल्डर अटके होने से आवाजाही में खतरा बना हुआ है।
बता दें कि 20 जुलाई को जेलम गदेरे में बादल फटने से मलारी हाई का करीब तीस मीटर हिस्सा बह गया था। यहां बीआरओ की ओर से हिल साइड कटिंग कर सड़क का निर्माण किया गया लेकिन तमक नाले में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से हाईवे नहीं खुल पाया था। बीआरओ द्वारा यहां क्षतिग्रस्त पुल से ही छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी गई थी लेकिन भारी वाहनों के लिए हाईवे नहीं खुल सका था। बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कर ने बताया कि मलारी हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। हाईवे को मलबा और बोल्डरों से भारी नुकसान पहुंचा है। बरसात खत्म होने के बाद हाईवे का सुधारीकरण कार्य किया जाएगा।