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सप्ताह बाद भी सोल पट्टी के नहीं सुधरे हालात-compat

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थराली। हफ्ते भर का समय बीतने पर भी तहसील के आपदा प्रभावित क्षेत्र सोल पट्टी का जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। पट्टी को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाली 27 किमी सड़क एक इंच भी नहीं खुल पाई है। रतगांव के किचगाड़ पर वैकल्पिक पुल की व्यवस्था भी नहीं हो पाई। आपदा में दुकान और वाहन खो चुके युवाओं की भी अभी तक कोई सुध नहीं ली गई है।
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रविवार 15 जुलाई की रात्रि को सोलपट्टी की रतगांव ग्राम पंचायत में बादल फटने से ढाडरबगड़ कस्बे का नामोनिशान मिट गया था। यहां खड़ी टैक्सियां, कार और मोटर बाइक भी बाढ़ की भेंट चढ़ गई थीं। पट्टी को जोड़ने वाला मोटर मार्ग प्राणमति में करीब 50 मीटर बह गया। थराली से डुंग्री तक करीब 15 किमी सड़क लोनिवि के पास है, जबकि डुंग्री से रतगांव तक की 12 किमी की सड़क पीएमजीएसवाई के पास है। यहां भी डुुंग्री से आगे रतगांव और कोलपुड़ी तक कई जगह मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त है। यही नहीं रतगांव में मोटर मार्ग का पुल भी बह गया था।
प्राणमति में लोनिवि द्वारा 16 जुलाई से ही चट्टान कटिंग का काम शुरू कर दिया गया था, जो अभी पूरा नहीं हो पाया है। पैदल चलने लायक भी सड़क का निर्माण लोनिवि नहीं कर पाया है। पीएमजीएसवाई भी लोनिवि द्वारा सड़क खोलने का इंतजार कर रहा है। स्थानीय निवासी कैलाश चंदोला, महिपाल सिंह, रणवीर सिंह आदि का कहना है कि प्रशासन अभी तक प्रभावित दुकानदार और वाहन स्वामियों की मदद के लिए भी कोई ठोस नीति तैयार नहीं कर पाया है और न ही सड़कें खोलकर ग्रामीणों को राहत दे रहा है। इधर, लोनिवि के ईई विजय कुमार ने बताया कि प्राणमति में हार्ड रॉक है। यहां सड़क बहने से चट्टान काटी जानी है। मशीनें काम कर रही है। जल्द सड़क बना दी जाएगी।
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रतगांव में बनेगा 42 मीटर लंबा वैली ब्रिज
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि रतगांव में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर 42 मीटर का वैली ब्रिज बनाया जाएगा, लेकिन इससे पहले लोनिवि द्वारा सड़क खोली जानी जरूरी है। ढाडरबगड़ में क्रेट वाल लगाकर सड़क बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
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