ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के गेट पर धरना-प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस प्रशासन ने शनिवार को जबरन उठा दिया। पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया। जिसमें से तीन को बाद में निजी मुचलके के आधार पर रिहा कर दिया गया, जबकि एक को जेल भेज दिया गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इसे शासन-प्रशासन की दमनकारी नीति करार दिया।
लंबे समय से क्षेत्रीय लोग प्लांट से उठ रही दुर्गंध के विरोध में गेट पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के चलते वाहन ग्राउंड में कूड़ा नहीं डाल पा रहे हैं। शनिवार की शाम करीब चार बजे एसडीएम जितेंद्र कुमार पुलिस फोर्स और पीएसी के जवानों के साथ प्लांट पर पहुंचे। जहां उन्होंने धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को उठा दिया। उन्होंने धरना प्रदर्शन कर रहे रविंद्र भट्ट, तीर्थ गैरोला, विजय सकलानी और रमेश चंद को गिरफ्तार कर लिया। जिसमें से तीर्थ गैरोला, विजय सकलानी और रमेश चंद को बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया, जबकि रविंद्र भट्ट को जेल भेज दिया गया।
वहीं प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस घटनाक्रम को शासन-प्रशासन की दमनकारी नीति करार दिया। कहा सरकार उनके आंदोलन को कुचलना चाहती है। लोग प्लांट से उठने वाली दुर्गंध से परेशान है। लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। प्लांट से उठ रही दुर्गंध पर रोक लगाने की मांग पर वह विभागीय अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय विधायक तक से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कहा प्लांट के विरोध में उनका धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
कोट
आंदोलनकारियों कूड़ा ले जाने वाहनों को प्लांट जाने से जबरन रोक रहे थे। जिस कारण सख्ती करते हुए चार लोगों शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। जिसमें से तीन रिहा कर दिया गया, जबकि एक को जेल भेज दिया गया है।
- जितेंद्र कुमार, एसडीएम