ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
मानसून में जानमाल की सुरक्षा के लिए प्रशासन नदी-नालों के किनारे बसे लोगों को बाढ़ की आशंका के मद्देनजर सतर्क करने में जुटा है। इसके लिए बाकायदा मुनादी कराई जा रही है। चंद्रभागा नदी किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस-दर-नोटिस जारी किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई कागज से जमीन पर उतरने का नाम ही नहीं ले रही है। इसकी बड़ी वजह अतिक्रमणकारियों को प्राप्त राजनीतिक संरक्षण को माना जा रहा है, जिसके आगे ऋषिकेश का प्रशासन घुटने टेकता दिख रहा है।
चंद्रभागा नदी के दोनों किनारों पर करीब 100 से अधिक परिवार झुग्गी-झोपड़ियों डालकर बसे हुए हैं। बरसात में नदी में अचानक बाढ़ आने से इन लोगों की जान को खतरा है। सिंचाई विभाग और एसडीएम कई बार अतिक्रमणकारियों को नदी से हटने के नोटिस जारी कर चुके हैं। नोटिस में स्वयं नहीं हटने पर बलपूवर्क हटाने की बात अंकित है। नोटिस जारी होने के बाद करीब 15 दिन बाद भी नदी से अतिक्रमणकारी नहीं हटे हैं। ऐसे में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लाजमी हैं।
- कोट्स
चंद्रभागा नदी में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन गंभीर है। उक्त लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। वह नहीं हट रहे हैं, तो प्रशासन जल्द ही उन्हें सख्ती के साथ नदी से हटाएगा।
- हर गिरि, एसडीएम, ऋषिकेश