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बच्चों को गले केले खिलाने पर स्कूल में हंगामा

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय मायाकुंड में शनिवार को मध्याह्न भोजन के बाद बच्चों को केले वितरित करने पर अभिभावकों ने हंगामा काट दिया। उनका आरोप था कि केले गले हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापक अक्सर बच्चों को खराब फल खिलाती हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से शिक्षक को विद्यालय से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग भी उठाई। अभिभावक विद्यालय की प्रधानाध्यापक पर इससे पूर्व भी मध्याह्न भोजन में गुणवत्ता का खयाल नहीं रखने का आरोप लगा चुके हैं।
शनिवार को प्राथमिक विद्यालय मायाकुंड में दोपहर के समय मध्याह्न भोजन के दौरान बच्चों को गले हुए केले बांटे गए। जिसकी सूचना मिलने पर स्थानीय अभिभावक विद्यालय में आ धमके। उन्होंने विद्यालय की प्रधानाध्यापक शबाना नरगिस पर बच्चों को खराब फल खिलाने का आरोप लगाते हुए स्कूल परिसर में हंगामा काटना शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ महिला अभिभावकों ने विद्यालय की प्रधानाध्यापक को भी गले हुए केले स्वयं खाने को कहा। उन्होंने बताया कि विद्यालय में इससे पूर्व भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, बावजूद इसके प्रधानाध्यापक बच्चों को अच्छा भोजन उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं।
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हंगामे के दौरान महिला अभिभावकों ने स्कूल में तालाबंदी का प्रयास भी किया। इसी बीच मौके पर पहुंचे नगर पालिका के पूर्व सभासद रामकृपाल गौतम ने बीच बचाव कर किसी तरह से अभिभावकों को शांत कराया। प्रदर्शनकारियों में संजू देवी, लीला देवी, बबीता, जयकला, रानी, मुन्नी, चंदा, सुनीता, पार्वती देवी, मोथिना बानो, मनीषा, सुशीला देवी आदि शामिल थे।

भोजनमाताओं ने भी जड़े गंभीर आरोप
बच्चों को गले हुए केले खिलाने को लेकर हुए हंगामे के बीच मौके पर मौजूद भोजनमाताओं ने भी विद्यालय की प्रधानाध्यापक पर मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाया। भोजनमाता रश्मि भट्ट व रेनू चौहान ने बताया कि वह एक दिन अपनी सहयोगी के साथ कीड़ायुक्त चावलों की सफाई कर रही थीं। तभी प्रधानाध्यापक ने उन्हें चावलों की सफाई नहीं करने को कहा। उनका आरोप यह भी है कि उन्हें प्रधानाध्यापक की ओर से माह भर के मध्याह्न भोजन के लिए महज 17 किलोग्राम दाल दी जाती है, जिससे उन्हें अक्सर पतली दाल बच्चों को परोसनी पड़ती है। उन्होंने इस बाबत उप शिक्षाधिकारी को लिखित तौर पर शिकायत की दर्ज कराई है।
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प्रधानाध्यापक ने की अपने ट्रांसफर की मांग
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मायाकुंड की प्रधानाध्यापक शबाना नरगिस ने शनिवार को विद्यालय में अभिभावकों द्वारा किए गए हंगामे के बाद विभाग से अपने स्थानांतरण की मांग की है। उन्होंने उप शिक्षाधिकारी को भेजे गए प्रत्यावेदन में आरोप लगाया कि स्थानीय अभिभावक अक्सर विद्यालय में धमक जाते हैं और हंगामा करते हैं, जिससे विद्यालय में पठन-पाठन व माहौल बिगड़ रहा है।
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