फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक माह और बढ़ी गुलदार को शूट करने की अवधि

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला,रायवाला।
विज्ञापन

राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज में सक्रिय आदमखोर गुलदारों को शूटिंग और ट्रेंकुुलाइज करने के आदेश शनिवार को एक माह के लिए और बढ़ा दिए गए हैं। उक्त आदेश की समय सीमा शनिवार को समाप्त हो गई थी। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने बीती 11 जुलाई को मादा गुलदार को शूट किया था। क्षेत्र में आदमखोर गुलदारों की बड़ी संख्या में सक्रियता का हवाला देते हुए उनकी आबादी क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों का संज्ञान लेते हुए पार्क प्रशासन के आग्रह पर उन्हें शूट करने की अवधि को आगे बढ़ा दिया गया है।
रायवाला क्षेत्र में वन्यजीव मानव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए मुख्य वन्यजीव संरक्षक की ओर से आदमखोर की पहचान कर उसे शूट करने के आदेश बीती 21 मई को जारी किए गए थे। पार्क प्रशासन के अनुसार आदमखोरों की आबादी क्षेत्र में चहलकदमी बनी हुई है। राजाजी पार्क के निदेशक सनातन के अनुसार लगातार निगरानी के बाद मारी गई मादा गुलदार की मेडिकल जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। वन्यजीव संस्थान देहरादून की ओर से प्राप्त रिपोर्ट में गुलदार के अंगों में मानव के बाल पाए गए हैं। जिसके चलते उसके आदमखोर होने की पुष्टि हो चुकी हुई है।
विज्ञापन


क्षेत्र में कांवड़ यात्रियों को भी खतरा
27 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। क्षेत्र में आदमखोर गुलदार सक्रिय होने के कारण शिवभक्तों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। यात्रा के दौरान शिव भक्त दिन-रात आवागमन करते हैं। गुलदार कांवड़ियों को कोई नुकसान न हो, पार्क प्रशासन को इसकी चिंता सता रही है। यही वजह है कि प्रशासन लगातार आदमखोर गुलदार को शूट करने या फिर ट्रेंकुलाइज करने की मांग उठाता आ रहा था।
विज्ञापन


सत्यनारायण सेक्शन में मादा गुलदार सक्रिय
रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज की सत्यनारायण मंदिर सेक्शन में लगे कैमरा ट्रैप में नजर आ रही मादा गुलदार की सक्रियता को देखते हुए राजाजी प्रशासन चिंतित है। जिसको लेकर इस क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है। इसके अलावा ट्रेंकुलाइज टीम लगातार निगरानी पर है। यदि समय रहते सक्रिय आदमखोर को काबू में नहीं किया गया तो सप्ताह भर बाद शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा में आने वाले शिवभक्तों व स्थानीय लोगों की जान को खतरा हो सकता है। निदेशक सनातन ने बताया कि उनकी टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय है। वन्यजीवों के अलावा मानवीय घटना को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें