श्रीनगर। बेस अस्पताल में निर्मित 200 बेड का वार्ड साढ़े तीन साल बाद हैंडओवर नहीं हो पाया। इसके संचालन के लिए शनिवार को चिकित्सा शिक्षा निदेशालय और कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों व इंजीनियरों ने संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि तीन माह के अंदर वार्ड चालू हालात में आ जाएगा। वार्ड हस्तगत करने से पूर्व कार्यदायी संस्था कमियों को दूर करेगी।
एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) के मानकानुसार मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल में लगभग 14 करोड़ की लागत से 200 बेड के नए वार्ड का निर्माण कराया गया है। वर्ष 2015 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने इसका लोकार्पण भी किया, लेकिन आज तक यह वार्ड क्रियान्वित हालत में नहीं आया। निर्माण निगम से वार्ड कॉलेज प्रशासन के हैंडओवर नहीं हुआ है। निरीक्षण पर पहुंचे चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो. आशुतोष सयाना को निगम के इंजीनियरों ने बताया कि सिविल विंग का कार्य 4 साल पहले पूरा हो चुका है। वार्ड को हैंडओवर करने के लिए पूर्व में कमेटी निरीक्षण भी कर चुकी है। निदेशक ने ऑक्सीजन गैस पाइप लाइन व लिफ्ट को चालू करने को कहा। वहीं वार्ड के लिए दो जनरेटरों की व्यवस्था करने की बात कही। निदेशक ने बताया कि निगम ने 10 दिन में कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया है। वार्ड के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है। पूरे काम में लगभग तीन माह लग सकता है। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने बेस अस्पतालों के वार्डों का निरीक्षण करते हुए सफाई पर जोर देने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की मैस में ठेकेदार की ओर से रॉड व हीटर प्रयोग करने पर पैनल्टी लगाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. सीएम रावत, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह, प्रो. बेअंत सिंह, प्रो. केके अग्रवाल व डा. विमल गुसाईं, आदि मौजूद थे।
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विनियमितीकरण मामले में कोर्ट जाने पर आक्रोश
पैरामेडिकल कर्मचारियों ने चिकित्सा शिक्षा निदेशक को बताई समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत पैरामेडिकल कर्मचारियों ने विनियमितीकरण मामले में शासन के कोर्ट जाने के निर्णय पर रोष जताया है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा निदेशक से मुलाकात कर बताया कि एक ओर उनको समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और जब कोर्ट उनको विनियमित करने के लिए कह रहा है, तो इसके विरुद्ध अपील की जा रही है।
शनिवार को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो. आशुतोष सयाना को लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग असिस्टेंट और ऑपरेशन थियेटर सहायकों ने अपनी समस्याएं बताई। उन्होंने कहा कि हिमांशु जोशी प्रकरण में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में संविदा पर कार्यरत लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्सेज को एक बार छूट प्रदान करते हुए विनियमित करने के आदेश पारित किए हैं, लेकिन शासन कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ डबल बेंच में जाने की तैयारी कर रहा है। प्रो. सयाना ने बताया कि अभी उनको शासन के पत्र की जानकारी नहीं है। वेतन के लिए समय-समय पर शासन से बजट अवमुक्त किया जाता है। वर्तमान में शासन में वेतन के लिए कार्रवाई गतिमान है।