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बारिश से अलग-थलग पड़ी मां नंदा की घाटी

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गोपेश्वर/कर्णप्रयाग। 14 जुलाई को हुई भारी बारिश के बाद से देवाल ब्लॉक में मां नंदा की घाटी भी अलग-थलग पड़ी हुई है। कुलिंग गांव पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। क्षेत्र में पैदल रास्ते, पुलिया और सड़क मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त पड़े हैं। वाण गांव के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर करीब 20 किमी पैदल दूरी तय कर लोहाजंग पहुंच रहे हैं। अखोड़ी गांव के पास नील नदी पर पेड़ टूटने से नदी का पानी एकत्र होने से झील बन गई है, जो निचले क्षेत्रों के लिए खतरे का सबब बन गई है।
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वाण गांव के मान सिंह, दिगपाल सिंह, खुशाल सिंह, जयवीर सिंह, भाग सिंह, मदन सिंह और रणजीत सिंह का कहना है कि क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप है। वाण से लोहजंग तक पैदल रास्ते में पांच पुलिया बह गई हैं, जिससे ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। अपर जिलाधिकारी मदन सिंह बर्निया का कहना है कि तहसील प्रशासन से क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है। प्रभावित क्षेत्र में रसद व जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है।
वाण गांव के मान सिंह दिगपाल सिंह, खुशाल सिंह, जयवीर सिंह, भाग सिंह, रणजीत सिंह आदि ने बताया कि देवाल से वाण को जाने वाली सड़क पर कुलिंग के पास बना मोटर पुल रविवार रात हुई बारिश में बह गया, जबकि कुलिंग से एक किमी आगे का मोटर पुल भी बारिश की भेंट चढ़ गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य हीरा सिंह पहाड़ी ने बताया कि बुरूकोट गदेरे के आसपास सड़क का 400 मीटर हिस्सा बारिश में बह गया। विधायक मुन्नी देवी शाह ने बताया कि प्रशासन से समस्याएं हल करने को कहा गया है।
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