ब्यूरो/अमर उजाला, नागथात।
आयुर्वेदिक अस्पताल नागथात में की गई अनिश्चितकालीन तालाबंदी के बाद सोमवार को जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. केके सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उनका घेराव कर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर और फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं होने तक तालांबदी जारी रखने की बात कही। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीते एक माह से अस्पताल शोपीस बना हुआ है। अस्पताल में न डॉक्टर हैं और न फॉर्मासिस्ट। मजबूरी में इलाज के लिए लोगों को 40 किमी दूर कालसी और विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल में लाइट भी नहीं है। देखरेख के अभाव में भवन भी जर्जर हो रहा है। अस्पताल को जाने वाले रास्ते पर जगह-जगह झाड़ियां उगी हैं। ग्रामीणों ने सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग जिला आयुर्वेदिक अधिकारी से की।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. केके सिंह ने कहा कि मंगलवार से अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर और फॉर्मासिस्ट बैठेंगे। डॉक्टर और फार्मासिस्ट के न आने पर इसकी सीधी शिकायत उनसे की जा सकती है। जल्द ही अस्पताल के भवन की मरम्मत और लाइट की व्यवस्था कराई जाएगी।
मालूम हो कि अस्पताल में डॉक्टर और फॉर्मासिस्ट न होने पर शनिवार को ग्रामीणों ने अस्पताल में अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर दी थी। घेराव करने में खत बहलाड़ के अध्यक्ष मोहर सिंह चौहान, खत स्याणा गजेंद्र सिंह चौहान, पूर्व प्रधान शमशेर चौहान, नरेंद्र तोमर, दिलेराम जोशी, बलवीर सिंह, जसवीर सिंह, मुकेश, परम सिंह, निर्मल, सूरत सिंह, गोपाल, अंकित जोशी, गंभीर सिंह, सुशील, कृष्ण दत्त उनियाल आदि शामिल रहे।