गोपेश्वर। नगर क्षेेत्रों में सप्लाई हो रही पेयजल योजनाओं पर फिल्टर की व्यवस्था न होने से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। दूषित पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। गोपेश्वर जिला अस्पताल में इन दिनों टाइफाइड और पीलिया के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इन दिनों प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ तक मरीज इलाज के लिए चिकित्सालय पहुंच रहे हैं।
गोपेश्वर नगर के लिए सप्लाई हो रही अमृत गंगा पेयजल योजना के मुख्य स्रोत पर फिल्टर की व्यवस्था नहीं है। अमृत गंगा का पानी सीधे पाइप लाइन से सप्लाई हो रहा है। ऐसे में बारिश होने पर पानी के साथ मिट्टी और कचरा भी आ रहा है। चमोली, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, जोशीमठ, घाट और पोखरी क्षेत्र में भी यही स्थिति बनी हुई है। दूषित पानी की सप्लाई से जल जनित रोगों की संख्या भी बढ़ रही है। लोग टाइफाइड, पीलिया, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों से परेशान हैं। विकास जुगरान और हेमंत दरमोड़ा का कहना है कि कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से शुद्ध पेयजल आपूर्ति की मांग की, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी है। जिला चिकित्सालय के डा. एसके झा का कहना है कि इन दिनों चिकित्सालय में आने वाले अधिकांश मरीज टाइफाइड, पीलिया, उल्टी-दस्त और वायरल से ग्रसित हैं। पानी उबालकर पिएं और बासी भोजन न करें ताकि बीमारियों से बचा जा सके। वहीं इधर, जल संस्थान के सहायक अभियंता अरुण गुप्ता का कहना है कि पेयजल लाइनों पर फिल्टर लगाने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।