ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद संभागीय परिवहन विभाग ऋषिकेश वाहन चालकों के लिए यूनिफार्म और वाहनों में स्पीड गवर्नर (गति नियंत्रक यंत्र) लगाने के नियम को लागू नहीं करवा पाया है। शुक्रवार को इस बाबत एआरटीओ की वाहन यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई, लेकिन इसमें यह तय ही नहीं हो पाया कि आखिरकार कब तक कोर्ट के आदेश पर अमल शुरू हो पाएगा।
हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित विभागीय कार्यालय में एआरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने शुक्रवार को विभिन्न वाहन यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने को लेकर वाहन स्वामियों ने समय दिए जाने की मांग की। शहर में लोकल सवारी व अन्य व्यवसायिक वाहनों में चालक और परिचालकों को अनिवार्य रूप से वर्दी पहनने को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया ही नहीं गया। हालांकि, बैठक में एआरटीओ ने चेताया कि कोई भी सवारी या मालवाहक वाहन ओवरलोडिंग मिला तो चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बताया कि बैठक में मुख्य बिंदुओं में स्पीड गवर्नर अनिवार्य रूप से लगाना, वाहनों में स्वच्छता के लिए कूड़ादान की व्यवस्था, चालक और परिचालकों का वर्दी पहनना व ओवरलोडिंग नहीं करना आदि शामिल थे। मौके पर परिवहन कर अधिकारी पंकज श्रीवास्तव, अरविंद यादव, प्यारेलाल जुगलाण, हेमंत डंग, बिजेंद्र सिंह कंडारी, भगवान सिंह राणा, कुंवर सिंह रावत, प्रीतम सिंह नेगी, शूरवीर सिंह रावत, देवेद्र शर्मा, कुंवर सिंह रावत, संजय पांडेय, मोहनलाल, रामप्रसाद घिल्डियाल आदि मौजूद थे।