ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती ।
ढालवाला ड्रेन को भूमिगत करने के बाद नाले के ऊपर चंद्रेश्वरनगर तक बनी सड़क सिंचाई विभाग की अनदेखी के कारण जगह- जगह गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिसके कारण राहगीरों के लिए सड़क पर आवागमन मुश्किल हो गया है। सिंचाई खंड नरेंद्रनगर की ओर से करीब पांच वर्ष पूर्व ढालवाला ड्रेन को भूमिगत कर नाले के ऊपर चंद्रेश्वरनगर तक नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए करीब पौने दो किमी. सड़क का निर्माण किया गया था, मगर रखरखाव व मेंटीनेंस न होने से मार्ग अब पूरी तरह उधड़ चुका है। सड़क पर जगह-जगह पड़े गड्ढों में रपटकर अक्सर लोग चोटिल हो रहे हैं।
दूसरी ओर विभाग की ओर से मार्ग पर वर्षाकाल में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। बरसात के दिनों में सड़क पर कई स्थानों पर जलभराव होने से सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे लोगों को आवागमन में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता मुनेश कुमार व मीना गौड़ का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से सड़क की मरम्मत की मांग की जा चुकी है, मगर महकमा बजट का अभाव बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।
कोट्स
ढालवाला ड्रेन के ऊपर बनाई गई सड़क वास्तव में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी टिहरी को भेजा जा चुका है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक किया जाएगा।
- एमएस बलूनी, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग नरेंद्रनगर।