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प्रधानमंत्री आवास: पिछले दो सालों में सिर्फ सर्वे

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कर्णप्रयाग। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांवों में जरूरतमंदों और आवासविहीन ग्रामीणों को घर उपलब्ध कराया जाना है लेकिन दो सालों से यह योजना केवल सर्वे और पंजीकरण तक ही सिमटी हुई है। इन आवासों की सूची को कब स्वीकृति मिलेगी इसका जवाब भी विभागीय अधिकारियों के पास नहीं है।
ब्लाक में वर्ष 2011 में किए गए आर्थिक सर्वे के आधार पर करीब 79 आवासविहीनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित किया गया। इसके तहत ब्लाक में करीब 71 आवास निर्माणाधीन हैं, जबकि 8 आवासों को रद्द कर दिया गया। वर्ष 2011 के सर्वे में कई खामियों के चलते दोबारा आवास के लिए सर्वे की मांग उठी। पिछले दो सालों से सर्वे में चयनित नामों का पंजीकरण किया जा रहा है, लेकिन इन चयनित परिवारों को कब आवास मिलेगा इसका जवाब विभागीय अधिकारियों के पास भी नहीं है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2017-18 में ब्लाक से 100 परिवारों का चयन कर योजना के तहत पंजीकरण किया गया, इसके बाद भी इस साल दोबारा सर्वे कर पंजीकरण किया जा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य दिग्पाल सिंह बिष्ट, नरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि लगातार सर्वे से लोगों को परेशानी ही झेलनी पड़ रही है। इधर खंड विकास अधिकारी एमपी भट्ट का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर काम किया जा रहा है। पंजीकरण परिवारों का चयन होने के बाद आवास का लाभ दिया जाएगा।
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इंसेट
मिलते हैं एक लाख तीस हजार रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मकान बनाने के लिए परिवारों को 1 लाख 30 हजार की धनराशि दी जाती है। आवास के लिए चयनित परिवार को मनरेगा के लिए स्थल विकास के लिए 17 हजार और शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार की धनराशि का प्रावधान भी है।
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