पोखरी। गौचर और पनघट की भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग के लिए आमरण अनशन कर रहीं तीन महिलाओं ने तहसील प्रशासन के आश्वासन पर अनशन स्थगित कर दिया। तहसीलदार विपिन चंद्र पंत ने महिलाओं को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है वह सरकारी भूमि है। उन्होंने नायब तहसीलदार को शीघ्र भूमि का निरीक्षण करने और नापजोख कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस दौरान हुई स्वास्थ्य जांच में अनशनकारियों के वजन में गिरावट दर्ज की गई।
गौचर, पनघट की भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के विरोध में 30 जून ग्राम पंचायत गुड़म, नैल, कुलेंडू और सिदेली के ग्रामीणों ने रिगजखाल में क्रमिक धरना शुरू किया था। मामले में कोई कार्रवाई न होने पर छह जुलाई से पुष्पा देवी, सावित्री देवी और बसंती देवी ने आमरण अनशन शुरू किया था। अनशनकारियों की सुध लेने के लिए सोमवार को तहसीलदार विपिन चंद्र पंत तहसील टीम के साथ दोपहर एक बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने भूमि से अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया, जिस पर महिलाओं ने आमरण अनशन स्थगित कर दिया। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने अनशनकारी महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच भी की। उनके वजन में गिरावट दर्ज की गई है। तहसीलदार ने बताया कि प्रथम दृष्टया सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की बात सामने आई है। यदि जांच में मामला सही पाया गया तो कानूनी कार्रवाई ली जाएगी।