श्रीनगर। जीजीआईसी श्रीनगर को राज्य के तीन सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में शामिल किया गया है। विद्यालय को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम देने पर तृतीय रैंक के गवर्नर पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। जीजीआईसी को पूर्व में लगातार तीन बार प. दीनदयाल उत्कृष्टता पुरस्कार भी मिल चुका है।
12 जुलाई को देहरादून में आयोजित होने वाले पुरस्कार समारोह में जीजीआईसी को गवर्नर पुरस्कार दिया जाएगा। जीजीआईसी श्रीनगर की छात्राएं लगातार दो वर्ष उत्तराखंड हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में शामिल होने में सफल रही थी। इस वर्ष विद्यालय का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत व इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम 91 फीसदी रहा था। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में विद्यालय की 52 छात्राएं शामिल हुई थी, जिसमें से 35 प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई थी और 14 छात्राएं विशेष योग्यता श्रेणी में पास हुई थी। जबकि इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 101 छात्राएं शामिल हुई थी। जिनमें से 69 छात्राएं प्रथम श्रेणी में पास हुई थी। 17 छात्राएं विशेष योग्यता श्रेणी में पास हुई थी। वर्ष 2017-18 की परिषदीय परीक्षाओं के परीक्षाफल के आधार पर विद्यालयों की श्रेष्ठता सूची तैयार की गई है, जिसमें विद्यालयों व छात्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय रैंक दिया गया है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले तीन विद्यालयों की श्रेणी में जीजीआईसी को पूरे प्रदेश में तृतीय रैंक प्रदान की गई है। विद्यालय की प्रधानाचार्य सुमनलता पंवार राज्यपाल के हाथों विद्यालय को दिए जाने वाले गवर्नर अवार्ड को लेंगी। वहीं हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में राज्य भर में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र सिद्धांत कोटियाल को भी तृतीय रैंक का गवर्नर अवार्ड दिया जाएगा। वहीं स्थानीय निवासियों ने जीजीआईसी को मॉडल विद्यालय का दर्जा दिए जाने की मांग की है।
-- विद्यालय को गर्वनर अवार्ड के लिए चयनित किए जाने पर पूरे विद्यालय परिवार उत्साहित है। इस अवार्ड से हमें और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी।
सुमन पंवार, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी श्रीनगर।