ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुख्यमंत्री के जनता मिलन कार्यक्रम में उत्तरकाशी की शिक्षिका उत्तरा बहुगुणा के खिलाफ सरकार की कार्रवाई से पूर्व सीएम हरीश रावत भी हतप्रभ हैं। उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर तंज कसते हुए राजा की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि राज दरबार में राजा के खिलाफ कोई कुछ नहीं कह सकता। राजतंत्र में राजा जैसा चाहे वैसा दंड दे सकता है, लेकिन यह लोकतंत्र कतई अनुचित है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह बातें बुधवार को एम्स परिसर में पत्रकारों से कहीं। वे धुमाकोट बस हादसे के घायलों का हालचाल जानने एम्स पहुंचे। इस दौरान शिक्षिका उत्तरा बहुगुणा प्रकरण पर पूर्व सीएम ने कहा कि राज दरबार में आप राजा के खिलाफ कुछ कहें, तो राजा जैसा चाहे आपको को वैसा दंड दे सकता है, लेकिन यह लोकतंत्रित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता दरबार में फरियादी महत्वपूर्ण होता है। उसकी बात सुनकर न्याय दिया जाना चाहिए, लेकिन दंडित किया जाना सरासर गलत है। कांग्रेस शासनकाल में शिक्षिका के एक साल तक स्कूल नहीं जाने पर नोटिस जारी किया गया था, उन्हें सस्पेंड नहीं किया गया। इसके अलावा पूर्व सीएम ने धुमाकोट बस हादसे के मामले में भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में राज्य की तमाम सड़कें कहीं बेहतर स्थिति में थीं, लेकिन वर्तमान सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। इसके अलावा नगर निकाय चुनाव कराने से घबरा रही भाजपा ने संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया है।