थराली। ब्लाक के पांच से अधिक गांवों की सात से अधिक नहरें पांच सालों से बंद पड़ी हैं। सिंचाई नहरें दुरुस्त न होने से कई किसान खेती छोड़ रहे हैं जिससे खेत बंजर हो रहे हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग पर नहरों की मरम्मत नहीं करने का आरोप लगाया।
बुड़जौला के गोपाल सिंह और सूरज सिंह, चिड़ंगा के हर्षवर्द्धन और तुलसी प्रसाद, बैनोली के सुरेंद्र सिंह तथा नरेंद्र राणा आदि का कहना है कि पहले सिंचाई की व्यवस्था दुरुस्त होने पर साल भर का अनाज खेती से हो जाता था, लेकिन आज स्थिति यह है कि खेतों में जुताई तक नहीं हो पा रही है। वर्ष 2013 की आपदा में बुड़जौला, सेरा, कल्याड़ी की 1-1 नहरें क्षतिग्रस्त होने के बाद बंद हो गईं अब चिड़िंगा में तीन नहरें बंद पड़ी हैं। वहीं बैनोली गांव की नहर आंशिक रूप से संचालित हो रही है, लेकिन सिंचाई विभाग इन पांच सालों में महज चेकडैम और सुरक्षा दीवार बनाने तक ही सिमटा रहा। आपदा से क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत नहीं होने से किसान खेती छोड़ने को मजबूर हैं। बुडजोला-जोला के तीन, कल्याड़ी में तीन और बैनोली में चार किसान खेती छोड़ चुके हैं वहीं अन्य किसानों ने पानी की कमी के कारण दालों का उत्पादन किया हुआ है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता बीके मौर्य ने बताया कि नहरों की मरम्मत के लिए शासन से पैसा नहीं मिला है। इस कारण काम अटका हुआ है।