फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जौनसार बावर में 18 घंटे से बिजली गुल

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी/कालसी
विज्ञापन

कालसी के पास काली मंदिर के निकट पेड़ गिरने से बिजली पोल गिर गया, जिसके कारण जौनसार बावर क्षेत्र में पिछले 18 घंटों से बिजली गुल है। 33 केवी लाइन बंद होने के कारण सब डिवीजन साहिया, चकराता, सावड़ा और त्यूनी क्षेत्र के करीब 300 गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यदि विभाग जल्द लाइन चालू नहीं कराया तो उन्हें प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
शनिवार रात को हुई बारिश और आंधी के चलते सागोन का एक बड़ा पेड़ बिजली लाइन के ऊपर गिर गया। शार्ट सर्किट होने के कारण चार सब डिवीजनों के अंतर्गत करीब 300 गांवों में लाइट गुल हो गई। रात 10 बजे से गई हुई लाइट रविवार शाम 6 बजे तक नहीं आ पाई थी। ऐसे में लोगों सारी रात और दिन बिना बिजली के रहना पड़ा। बिजली न होने के कारण जहां इलेक्ट्रानिक सामान शोपीस होकर रह गए हैं, वहीं मोबाइल की बैटरियां भी अब जवाब दे चुकी हैं। लोगों का एक दूसरे के साथ संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। लाइट गुल होने के कारण ग्रामीणों ने उप खंड को शिकायत दी, जिसके बाद विभाग के कर्मचारी लाइन को ठीक करने को तो पहुंचें, लेकिन लाइन में बड़ा फाल्ट आने के कारण अब तक लाइन ठीक नहीं हो पाई है।
विज्ञापन

ऊर्जा निगम के एसडीओ अशोक कुमार ने बताया कि बिजली लाइन के ऊपर पेड़ गिरने से बिजली का पोल गिर गया है। पोल को ठीक करके दोबारा लाइन चालू करवाई जा रही है। रात तक बिजली आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
साहिया में 86 गांवों हैं प्रभावित
33 केवी विद्युत लाइन में फाल्ट आने के कारण साहिया तथा आसपास के क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। साहिया बाजार सहित क्षेत्र के 86 गांवों के साथ ही चकराता त्यूनी में भी बिजली नहीं है। बिजली गुल होने से लोगों को बड़ी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण सुल्तान सिंह तोमर, इंद्र सिंह, अमर सिंह तोमर, आदि लोगों का कहना है कि विद्युत लाइन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि थोड़ी सी बारिश में भी लाइन में फाल्ट आ जाता है। पिछले एक माह में यह समस्या आठ बार हो चुकी है।
विज्ञापन

लोगों को हो सकती है परेशानी
मौसम विभाग की ओर से तीन जुलाई तक तेज बारिश होने की आशंका जताई है। ऐसे में लोगों को बिजली की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि बिजली विभाग की ओर से लाइनों की देखरेख करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां पर पेड़ और पुश्ता गिरने का अधिक खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें