- सीएम ने वित्तीय प्रशासन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन
- कहा, संस्थान के प्रारंभ होने से वित्त सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
- पं. दीनदयाल उपाध्याय वित्तीय प्रशासन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के नाम से जाना जाएगा केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला/सेलाकुई।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को सुद्धोवाला स्थित वित्तीय प्रशासन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वित्त सेवा अधिकारियों के पांचवें बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संस्थान का नामकरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर किया।
प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय वित्तीय प्रशासन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान में वित्त सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिक सुचारु रूप से संचालित होगा। यहां वित्तीय प्रबंधन की क्षमता को बढ़ाने, कौशल विकास एवं अपडेटेशन के लिए सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी योग्यता की पृष्ठभूमि वाले प्रशिक्षु अधिकारियों के वित्त सेवा में आने से प्रशासन को वित्तीय प्रबंधन और तकनीकी प्रबंधन का दोहरा लाभ होगा। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन में ज्ञान, अनुभव एवं प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है।
जल्द ही राजकीय कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान में जल्द एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा। सहसपुर के विधायक सहदेव पुंडीर ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जीवनी को संस्थान में अंकित जाना चाहिए ताकि परीक्षार्थियों को उनकी जीवनी का ज्ञान हो। इस मौके पर वित्त सचिव अमित सिंह नेगी, अपर सचिव एलएन पंत, अरुणेंद्र सिंह चौहान, अपर सचिव कोषागार जगत सिंह चौहान, उपनिदेशक सीपीआरएफ विक्रम सिंह जंतवाल आदि मौजूद रहे।