- किसानों ने करोड़ों की जमीन निशुल्क देने को भूमि दान प्रक्रिया पर किए हस्ताक्षर
- भूमि की जांच करने पहुंचे तीन राजस्व उपनिरीक्षक, ग्रामीणों ने जडवाला में की बैठक
ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
जौनसार बाबर के साहिया में वर्षों से चली आ रही केंद्रीय विद्यालय खोलने की आस फिर जागी है। केंद्रीय विद्यालय के लिए ग्रामीणों ने सड़क किनारे भूमि निशुल्क देने की हामी भर दी है। इसी पहल को लेकर बुधवार को तहसील प्रशासन व तीन गांवों के ग्रामीणों की जडवाला में बैठक हुई। क्षेत्र में विद्यालय खोलने को लेकर लोगों ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार को कई बार पत्र लिख चुके थे। केंद्र सरकार ने मामले में संज्ञान लेते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून को प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा था। संगठन की ओर से तहसील प्रशासन कालसी को भूमि चयन प्रक्रिया के लिए एक सप्ताह पूर्व पत्र भेजा था। पत्र का संज्ञान लेते हुए तहसील प्रशासन ने भूमि चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बुधवार को क्षेत्र के तीन राजस्व उपनिरीक्षक कनबुआ कमलेश शर्मा, साहिया के जयलाल शर्मा और बडनु के सुखदेव जिनाठा आदि भूमि चयन प्रक्रिया के तहत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि जौनसार बाबर शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा है जिसके लिए ग्रामीण पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कई बार क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खोलने को लेकर बैठकों का आयोजन भी किया गया। तहसील प्रशासन को जमीन निरीक्षण के लिए शासन से पत्र प्राप्त हो चुका है।
उधर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जनक सिंह चौहान ने बताया कि जडवाला में पानुवा व मलेथा के ग्रामीणों की भूमि है जो विद्यालय को देने के लिए तैयार हैं। उधर, राजस्व उप निरीक्षक कनबुआ कमलेश शर्मा ने बताया कि यह भूमि 57 किसान खाते धारकों की है, जिन्होंने भूमि दान देने की प्रक्रिया पर हस्ताक्षर कर एक दान पत्र जिलाधिकारी देहरादून को लिख दिया है, जिसे शीघ्र ही तहसील स्तर से जिलाधिकारी देहरादून को भेजा जाएगा। बैठक में जनक सिंह चौहान, अर्जुन सिंह राठोर, भोपाल सिह, सन्तन सिंह राठौर, मुन्ना सिंह राठौर, उदय सिंह राठौर, गोपाल सिंह राठौर, सियाराम राठौर, दिनेश सिंह बिष्ट, अमित सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, रविंद्र सिह राठोर, विशन सिंह राकेश चौहान, भगत सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।