श्रीनगर। सफाई कर्मचारियों की कमी से राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। पूर्व में अस्पताल में 60 सफाई कर्मी रोटेशन में काम करते थे। अब मात्र 25 ही काम कर कर रहे हैं, जिसके चलते एक-एक सफाई कर्मी के जिम्मे बड़ा कार्यक्षेत्र आ गया है। ऐसे में अस्पताल परिसर की सफाई भी नहीं हो पा रही है।
विगत 15 अप्रैल को बेस अस्पताल की आउटसोर्सिंग कंपनी का टेंडर समाप्त हो गया था। इसके बाद कुछ दिन कॉलेज प्रशासन ने उक्त कंपनी का अनुबंध बढ़ाकर काम चलाने की कोशिश की, लेकिन सफाई कर्मियों ने वेतन व पीएफ भुगतान न होने होने पर काम करने से मना कर दिया। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज के 25 सफाई कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है, लेकिन अस्पताल की जरूरतों को देखते हुए यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। अस्पताल में 24 घंटे में तीन बार सफाई का प्रावधान है, लेकिन सफाई कर्मियों की कमी से तीनों समय सफाई नहीं हो पा रही है। वित्त नियंत्रक मेडिकल कॉलेज श्रीनगर विवेक स्वरूप का कहना है, कि नए टेंडर स्वीकृत हो गए हैं। एक हफ्ते के अंदर नई कंपनी काम करना शुरू कर देगी।