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सुमाड़ी गांव में मशरुम बीज उत्पादन प्लांट शुरू

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श्रीनगर। विकास खंड खिर्सू के सुमाड़ी गांव के पवन काला ने बीएचएम की नौकरी छोड़ अपने साथियों के साथ गांव में मशरूम उत्पादन और बीज (स्पॉन प्रोडक्शन प्लांट) तैयार करने का प्लांट स्थापित किया है, जिसका बुधवार को शुभारंभ किया गया। मोहन काला फाउंडेशन के आर्थिक सहयोग से स्थापित इस प्लांट के शुरू होने से अब पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग व चमोली के मशरूम उत्पादकों को बीज के लिए देहरादून व रुड़की के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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बुधवार को मोहन काला फाउंडेशन के संस्थापक उद्योगपति मोहन काला ने स्पॉन प्रोडक्शन प्लांट का शुभारंभ किया। यह गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्र का पहला प्लांट है। यह गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्र का पहला प्लांट है। फाउंडेशन ने प्लांट में मशीन खरीदने के लिए लगभग सात लाख रुपये की मदद की है। इस मौके पर काला ने बताया कि गांव के जो भी बेरोजगार मुर्गी पालन, फ्लोरीकल्चर, हार्टीकल्चर व अन्य स्वरोजगार करना चाहते हैं, उन्हें पूरी मदद दी जाएगी। ताकि गांव में युवा खुद का उद्योग स्थापित कर सके। बताया गया कि प्लांट में रिसर्च एंड डवलेपमेंट लैब भी है, जिसमें मशरूम के ज्यादा से ज्यादा गुणवत्तापरक उत्पादन के लिए शोध होगा। प्लांट की स्पॉन उत्पादन क्षमता प्रतिमाह 5 क्विंटल है। जो पहाड़ी जिलों में सप्लाई किया जाएगा। इस मौके पर शैलबाला चमोली, पार्थसारथी काला, पवन काला, दुर्गा बहुगुणा, जगदंबा काला, जयराम जोशी, प्रतीक चमोली व मनोज काला आदि मौजूद थे।

पहाड़ में मिलेंगे स्पॉन
श्रीनगर। लगभग डेढ़ दशक पूर्व श्रीनगर में उद्यान विभाग के औद्यानिकी प्रशिक्षण केंद्र में स्पॉन तैयार किए जाते थे, लेकिन इसको बंद कर दिया गया। इस वजह से मशरूम उत्पादकों को बाहर से स्पॉन मंगवाने पड़ते थे। वहीं कई लोग स्पॉन न मिल पाने की वजह से मशरूम उत्पादन नहीं कर पा रहे थे। अब प्लांट शुरू होने से पहाड़ में ही स्पॉन उपलब्ध हो सकेगा।
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