कर्णप्रयाग। ब्लाक के धल गांव में ग्रामीणों ने लाटू देवता मंदिर में पूजा कर सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने देवताओं को नए अनाज का भोग लगाया और मां नंदा की मूर्ति प्रतिस्थापित की। ढोल दमाऊं के साथ ग्रामीणों ने लाटू और नंदा के जागर गाए साथ ही क्षेत्र में अन्न, धन की वृद्धि के लिए कामना की। देवनृत्य के साथ देर शाम धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ।
गांव की सीमा पर स्थित मंदिर में पुजारी राकेश चंद्र मैखुरी ने लाटू, हनुमान के साथ ही मां नंदा की पूजा-अर्चना की। लाटू को मां नंदा का धर्म भाई माना जाता है। गांव के बुजुर्ग गोविंद सिंह असवाल बताते हैं कि शताब्दी वर्ष पूर्व वाण से उनके पूर्वज लाटू देवता की स्थापना के लिए एक दीपक यहां लाए और यहां मंदिर की स्थापना की। तब से ग्रामीण हर वर्ष यहां लाटू देवता को नए अनाज का भोग लगाते हैं। यही नहीं यदि क्षेत्र में अत्यधिक सूखा पड़ता है तब भी यहां बारिश के लिए लाटू देवता की आराधना की जाती है। गोविंद सिंह ने बताया कि धल, चमाली, कांचुला, स्वर्का और उत्तरों के ग्रामीण हर वर्ष लाटू देवता को नए अनाज का भोग लगाने के लिए यहां आते हैं। इस दौरान प्रधान किरन देवी, पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच दिनेश नगवाल, शिव सिंह, शिशुपाल सिंह, माधो सिंह, दिवाकर प्रसाद, पवन, हरीश, दिग्पाल सिंह, विनोद सिंह, जेएस बिष्ट, इंद्र सिंह और महिला मंगल दल अध्यक्ष ममता असवाल आदि मौजूद थे।