श्रीनगर। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को एक और झटका लगा है। संस्थान की स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की एकमात्र सीनियर रेजीडेंट (एसआर) डॉक्टर गरिमा नैथानी ने अनुबंध का नवीनीकरण नहीं कराया है। उनके जाने से यहां अब विभागाध्यक्ष समेत 3 ही विशेषज्ञ चिकित्सक रह जाएंगे।
बेस अस्पताल में प्रसव कराने वालों की काफी संख्या काफी अधिक रहती है। यहां औसतन रोजाना 10 डिलीवरी होती है। इसके अलावा वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और स्त्री रोग वार्ड में भी मरीजों की काफी संख्या होती है। कॉलेज के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में पिछले तीन सालों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। हालांकि दून मेडिकल कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डा. रीना पाल का चयन दो माह पूर्व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के लिए हो गया था, लेकिन दून मेडिकल कॉलेज ने उन्हें अभी तक रिलीव नही किया है। अब एसआर डा. गरिमा नैथानी भी कॉलेज को छोड़ने के मूड में है। उनका इसी जून माह में अनुबंध का नवीनीकरण होना था, लेकिन उन्होंने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया। इधर, कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. केके अग्रवाल ने भी अनुबंध के नवीनीकरण न होने की पुष्टि की है।