- चालदा महासू की पालकी ने नराया से कोटा तपलाड़ को किया प्रस्थान
ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
करीब दो साल तक नराया गांव में विराजमान रहने के बाद शनिवार को चालदा महासू महाराज की पालकी कोटा तपलाड़ के लिए प्रस्थान कर गई। इस दौरान पूरा माहौल देव उद्घोष से गूंजयमान हो गया। इस देव पल का साक्षी बनने के लिए वहां आठ-दस हजार की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। देव पालकी को कंधा देने के लिए लोग आतुर नजर आए। लोगों ने देव पालकी के दर्शन कर सुख और समृद्धि की कामना की।
शनिवार सुबह चार बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर में देवता की विशेष आराधना की गई। इसके बाद दोपहर 12 बजे पुजारी पं. टीकाराम जोशी और नंदराम ने देवता की आरती उतारी। इसके बाद ढोल-दमाऊ की थाप पर देव पालकी के गर्भगृह से बाहर निकलते ही पूरा गांव देव उद्घोष से गूंज उठा। महिलाओं ने धूप दिखा देवता की आराधना की और जल्द ही देव पालकी के पुन: गांव आगमन की कामना की गई। इसके बाद देव पालकी कोटा तपलाड़ के लिए प्रस्थान कर गई। देव पालकी के आगे-आगे पताका (सफेद निशान) लिए लोग चल रहे थे। जिसके पीछे पद चिह्न, दीप लोटा, छड़ी, पाथा, डोरिया चल रहे थे। जगह-जगह देव पालकी का फूल मालाओं और चावलों की बारिश के साथ भव्य स्वागत किया गया। शाम करीब पांच बजे देव पालकी अपने पहले दिन के पड़ाव बिरमऊ पहुंची। रात्री प्रवास के दौरान रविवार को पालकी यहां से रंगेऊ के लिए प्रस्थान करेगी। सैंज और निथला में भी भंडारे और प्रसाद की व्यवस्था की गई।
इस मौके पर बजीर प्रताप सिंह चौहान, ठाणी कल सिंह तोमर, मातबर सिंह, भाव सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, चुन्नी लाल, प्रधान प्रेमा देवी, प्रताप सिंह तोमर, चंदन सिंह तोमर, राजेंद्र सिंह तोमर, कुंदन सिंह, सूरत सिंह, दिनेश सिंह तोमर, सूरपाल सिंह चौहान, शूरवीर सिंह, प्रेम सिंह तोमर, दिनेश सिंह चौहान, अर्जन दत्त जोशी, टीकम सिंह चौहान, सरदार सिंह चौहान, परम सिंह चौहान, सुरेंद्र, दयाराम जोशी, खुशी राम जोशी, अन्नत राम, बबल सिंह ,बलवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
यहां हुआ देव पालकी का भव्य स्वागत
देव पालकी चैथा बैंड होते हुए कोटीगाड, सैंज, निथला, बंतोऊ, विनोऊ गांव होते हुए बिरमोऊ पहुंची। इन गांवों में लोगों ने देव पालकी का भव्य स्वागत किया।