ब्यूरो/अमर उजाला,रायवाला।
नेपालीफार्म स्थित ठाकुरपुर क्षेत्र से पांच साल की मासूम निर्जला की तलाश में वनकर्मियों ने दूसरे दिन वारदात स्थल के पास जंगल में काबिंग की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं लग पाया। बृहस्पतिवार को आंगन में खेल रही मासूम को गुलदार उठाकर ले गया था। बताया जा रहा है कि टीम को जंगल में कुछ स्थानों पर खून के निशान मिले हैं, लेकिन दिन भर जंगल में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं लग पाया है।
दूसरी ओर राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में पार्क प्रशासन की ओर से फिर से गुलदार की तलाश शुरू कर दी गई है। शूटरों ने आदमखोर को पकड़ने के लिए जंगल में मोर्चा संभाल लिया है। स्टाफ को गश्त पर तैनात कर उसे पकड़ने व ट्रैस करने के लिए पिंजरा व कैमरा ट्रैप लगाए हैं। वारदात से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वहीं राजाजी पार्क प्रशासन ने गुलदार को पकड़ने की रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है।
रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया की वारदात की सूचना मिलने के बाद से लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। रात को बरसात के चलते अभियान को रोकना पड़ा था, सुबह से ही स्टाफ लगातार तलाशी में जुटा रहा, मगर बच्ची कहीं भी सुराग नहीं लग सका। बताया कि पार्क निदेशक के निर्देश पर दोबारा से शूटरों को जंगल में तैनात कर दिया गया है। गुलदार को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगाया दिया है।
लोगों का फूटा गुस्सा, सुरक्षा व्यवस्था की मांग
खैरीखुर्द ग्रामसभा के ठाकुरपुर क्षेत्र में बीती रात हुई वारदात के बाद शुक्रवार को राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक सनातन सोनकर घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इसी बीच घटनास्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बच्ची के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने पार्क निदेशक से लगातार हो रही घटनाओं पर कार्रवाई के बाबत जानकारी मांगी। निदेशक ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराते हुए ग्राम प्रधान विजयराम पेटवाल के माध्यम से प्रस्ताव मांगकर नेेपाली फार्म से ठाकुरपुर तक सुरक्षा दीवार और सौर ऊर्जा बाड़ लगाने का भरोसा दिया। इसके अलावा उन्होंने चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर सौर ऊर्जा पथ प्रकाश व्यवस्था, नियमित गश्त के साथ ही गांव की सीमा से जंगल के भीतर झाड़ी कटान का कार्य करने की बात कही।
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क्षेत्र में एक नहीं कई आदमखोर गुलदार सक्रिय
रायवाला। मोतीचूर रेंज में सक्रिय आदमखोर गुलदार ने बीते बृहस्पतिवार रात 20वीं वारदात को अंजाम दे दिया, लेकिन राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन अभी तक एक भी गुलदार की पहचान करने व उसे शूट करने में कामयाब नहीं हो पाया है। अब तक राजाजी प्रशासन केवल एक ही गुलदार के आदमखोर होने की बात कहता रहा है, मगर अलग-अलग क्षेत्रों में हो रही वारदातों से क्षेत्र में सक्रिय गुलदारों की संख्या को देखते हुए क्षेत्र में कई आदमखोर गुलदारों के सक्रियता की बात कही जा रही है।
दूसरी ओर मोतीचूर रेंज के आदमखोर गुलदारों का निवाला बने अब तक 20 लोगों में से केवल पांच लोग ही स्थानीय थे। हर स्थानीय के साथ हुई घटना के बाद जमकर बवाल कर राजाजी और जिला प्रशासन को बंधक बनाये जाने तक की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। यही नहीं इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को बढ़ाने को लेकर आंदोलन छेड़ा जा चुका है, लेकिन निवाला बन चुके शेष 15 लोग जोकि बाहरी क्षेत्रों से हाइवे में गुलदार का निवाला बने, उनकी मौतों पर बवाल करने के बजाये स्थानीय लोग और संगठनों से जुड़े सदस्य मौन बन जाते हैं। ऐसे में राजाजी प्रशासन भी खानापूर्ति कर वन्यजीव संघर्ष मामलों में अभी तक हाथ में हाथ धरे बैठा हुआ है।
पीड़ित परिवार को दिया मुआवजा
राजाजी प्रशासन ने घटना के बाद मासूम के पिता को कुल मुआवजे की तीस प्रतिशत राशि 90 हजार का भुगतान किया। निदेशक सनातन सोनकर ने बताया कि दिन भर बच्ची की तलाश की गई किंतु पता नहीं लग पाया। कुछ स्थानों पर खून के धब्बे और गुलदार के पंजे के निशान मिले हैं, जिसके आधार पर पीड़ित परिवार के परिजनों को मुआवजा राशि का चेक सौंप दिया गया है। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, ग्राम प्रधान विजय राम पेटवाल, सरोप सिंह पुंडीर, दिलमणी डबराल, अनिल कुमार, मान सिंह थापा आदि मौजूद रहे।