श्रीनगर। विकासखंड खिसू की तीन पेयजल योजनाओं के सूखने से 24 गांवों पेयजल संकट से जूझ रहे है। प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी कम होने से यहां पेयजल की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
खिर्सू प्रखंड में झालागाड़- गहड़ लग्गा भटोली, नौली-अखाड़ा और सेम-मंदोली पेयजल योजनाओं का मूल स्रोत झालागाड़ है। झालागाड़ में धीरे-धीरे पानी कम होता जा रहा है। भटोली पेयजल योजना से लगभग 15 गांव, अखाड़ा से लगभग 7 और मंदोली से 3 गांवों को जल संस्थान जलापूर्ति करता है। पेयजल योजनाओं से जहां पहले 500 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) पानी मिलता था, अब मात्र 100 एलपीएम मिल पा रहा है। इस पानी से खेतों की सिंचाई और जलापूर्ति दोनों हो रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को लगभग 50 एलपीएम पानी ही मिल पा रहा है। स्रोत में पानी कम होने से यहां के लोगों को पूर्व की तुलना में बहुत कम पानी मिल रहा है। 15 गांवों को पेयजल आपूर्ति करने वाली भटोली पेयजल योजना में अब मात्र 60 एलपीएम पानी रह गया है। सहायक अभियंता जल संस्थान श्रीनगर कृष्णकांत का कहना है कि सभी गांवों तक पानी पहुंच रहा है। स्रोत मेें पानी की कमी से जलापूर्ति पर असर पड़ा है। कहा कि इन दिनों रात में लोग खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में दिन में ही पानी मिल रहा है।