अल्लाह की बारगाह में झुके हजारों सिर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजधानी में बुधवार को ईद-उल-जुहा (बकरीद) हर्षोल्लास से मनाई गई। शहर भर की ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। इस दौरान ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। नए कपड़े पहनकर लोग ईदगाह पहुंचे। चकराता रोड स्थित ईदगाह में सुबह नौ बजे शहर कासमी ने नमाज अदा कराई। नायब सुन्नी शहर काजी सैयद अशरफ हुसैन कादरी ने कहा कि हमारे अंदर भी बुराई रूपी एक जानवर छुपा होता है, जो हमें बुराई के रास्ते पर ले जाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि क्रोध, लोभ, ईर्ष्या जैसी बुराइयों की जड़ यही है। बकरीद पर हमें अपने भीतर के जानवर की भी कुर्बानी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेकी की राह पर चलने वाले बंदे ही अल्लाह को पसंद होते हैं।
केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए मांगी दुआ
बकरीद पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए दुआ मांगी। साथ ही बाढ़ पीड़ितों के लिए चंदा भी एकत्र किया। मुस्लिम सेवा संगठनों और इमाम अहमद रजा चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने नमाज के बाद शहर की ईदगाह और मस्जिदों के बाहर लोगों से चंदा एकत्र किया।
देर शाम तक चला कुर्बानियों का दौर
ईद-उल-जुहा (बकरीद) पर बुधवार को पहले नमाज अदा की गई। इसके बाद देर शाम तक कुर्बानी का दौर चला। वहीं ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर लगे मेलों का बच्चों ने खूब लुत्फ उठाया। गांधी रोड स्थित मुल्ला बिल्डिंग, चकराता रोड, सुभाषनगर ईदगाह समेत कई जगहों पर मेले लगे।
ईद मिलन समारोह का आयोजन
देहरादून। समाजवादी पार्टी की ओर से जिला कार्यालय पर ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष गुलफाम अली ने कहा कि ईद प्रेम और भाईचारे का पर्व है। इस दौरान गोपाल रावत, एएस तुग, शशी कुमार, मुरारीलाल, तौसीफ, अफजल, सतीश आदि मौजूद रहे।
नेताजी संघर्ष समिति की ओर से ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता, प्रभात डंडरियाल, आरिफ हुसैन, अरुण खरबंदा, राजकुमार, गिरधर शर्मा, सुभाष पंवार, सोम प्रकाश चौहान, महेश जोशी, राजेश चमोली, वाहिद हुसैन, नेहरू पूजा चंदेल आदि मौजूद रहे।
उधर बकरीद पर मोरोवाला स्थित मस्जिद परिसर में वृक्षमित्र डॉ. त्रिलोक चंद्र सोनी ने पौधे रोपे। मौलाना मोहम्मद मुकराम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को एकजुट होना होगा। इस मौके पर वसीम अहमद, सुल्तान अहमद, इरफान, नाहिद, अर्श आदि मौजूद रहे।
बुराइयों को कुर्बान करने का पैगाम देती है ईद
मसूरी। नगर की मस्जिदों में सुबह ईद की नमाज अदा करने के लिए नमाजियों की भीड़ उमड़ी। लंढौर जामा मस्जिद के इमाम हाफिज अब्दुल वहाब, कुलड़ी के मोहम्मद आजम, धोबीघाट के मोहम्मद कामिल, किताबघर मोहम्मद फरमान ने कहा कि ईद अपने अंदर की बुराइयों को कुर्बान करने व मोहब्बत का पैगाम देती है।
पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, नगर कोतवाल भावना कैंथोला, एसएसआई बीएल भारती, गीता कुमाई, मेघ सिंह कंडारी, अनुज गुप्ता, रजत अग्रवाल सुशील कुमार आदि ने नमाज के बाद मस्जिदों के बाहर मुस्लिमों को ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखी गई थी।
अंजुमन इस्लामिया विकास समिति के सचिव कामिल अली ने कहा कि हमें दूसरों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए अपने त्योहार मनाने चाहिए।
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