ब्यूरो/अमर उजाला,रायवाला।
रायवाला में पेयजल संकट लगातार 12वें दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और उन्होंने पंपिंग स्टेशन पर ताला जड़ दिया। मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों के आश्वासन पर उपभोक्ता शांत हुए और ताला खुलवा दिया। ट्यूबवेल के पंपिंग स्टेशन के वाल्वों में आई खराबी के कारण पिछले 12 दिनों से क्षेत्र में पेयजल संकट बना हुआ है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई हो चुका है, जबकि कुछ क्षेत्र के लोग अब भी पानी की समस्या से परेशान हैं। उपभोक्ताओं को टैंकरों से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पंपिंग स्टेशन पर पहुंचे सहायक अभियंता मुख्यालय अरुण कुमार सोनी ने बताया कि रायवाला क्षेत्र में विश्व बैंक वित्त पोषित अर्द्धनगरी पेयजल योजना पर कार्य चल रहा है, जिसके तहत अलग-अलग ग्रामसभाओं में पेयजल टैंक बनाए जाने हैं। उन्होंने इसकी प्रगति रिपार्ट से उपभोक्ताओं को अवगत कराया। इसके अलावा वर्तमान में चल रही किल्लत को लेकर स्टेशन में नई मोटर लगाने का कार्य चल रहा है। इस अवसर पर जल कल अभियंता एवीएस रावत, अवर अभियंता हिमाशु असवाल, उपप्रधान दीवान सिंह चौहान, पंचायत सदस्य मोहनी पंवार, विष्णु थापा, मधु डबराल, उषा नेगी, शोभा नेगी, शांति विष्ट, दीपा भंडारी, विमला रावत, शाकुंभरी देवी, शिरा देवी, उषा देवी, लाल सिंह आदि रहे।
खांडगांव और प्रतीतनगर में अधिक समस्या
खांडगांव नंबर एक और प्रतीतनगर के आधे दर्जन वार्डों में पेयजल किल्लत जस की तस बनी हुई है। टैंकरों से हो रही आपूर्ति भी नाकाफी है। प्रतीतनगर के पंचायत सदस्य विष्णु थापा, खांडगांव के पंचायत सदस्य आनंद खरोला और शीला खरोला ने बताया कि दिन भर इंतजार के बाद टैंकर से बहुत कम पानी मिल पा रहा है, जिससे पानी भरने को लेकर लोगों में होड़ लग जाती है। जिससे अव्यवस्था फैल रही है।