कर्णप्रयाग। नगर में नमामि गंगे के तहत हो रहे सीवर ट्रीटमेंट योजना के काम मानकों को ताक पर रखकर हो रहे हैं। निर्माणदायी विभाग ने बिना एनओसी के ही सिंचाई विभाग की बाढ़ सुरक्षा दीवार तोड़ दी है, जिससे नदी में पानी बढ़ने पर मकानों में पानी घुसने का खतरा बना है।
गिरीश थपलियाल, अवधेश, सोनू, महेंद्र सहित अन्य लोगों का कहना है कि नगर में करीब 12 करोड़ से हो रहे सीवर ट्रीटमेंट योजना में विभाग मानकों के अनुरूप काम नहीं कर रहा है। उत्तराखंड पेयजल निगम (गंगा डिवीजन) की ओर से पिंडर नदी किनारे लाइन बिछाने के लिए रास्ते खोदे गए हैं, जिन्हें अभी तक भरा नहीं गया है। ऐसे में आए दिन बच्चे और लोग रास्तों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यही नहीं पिंडर नदी किनारे सिंचाई विभाग की ओर से हाल ही में बनाई गई सुरक्षा दीवार को भी तोड़ दिया गया है। ऐसे में बरसात में पिंडर नदी में पानी बढ़ने पर मकानों के लिए खतरा हो जाएगा। यही नहीं सितंबर 2018 में पूरे होने वाला यह काम अभी तक तीस प्रतिशत भी पूरा नहीं हो पाया है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि संबंधित निर्माणदायी संस्था की ओर से दीवार तोड़ने के लिए एनओसी नहीं ली गई है। मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं उत्तराखंड पेयजल निगम (गंगा डिवीजन) के अवर अभियंता दीपक वत्स ने कहा कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए यहां सुरक्षा दीवार तोड़ी गई है, जिसे प्लांट निर्माण के बाद बना दिया जाएगा। खोदी गई नालियों को भरने के प्रयास किए जाएंगे।