ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध सेवा प्रकल्प संस्थान की ओर से आयोजित जनजातीय बाल संगम में 3000 से अधिक छात्रों ने सामूहिक रूप से अपनी प्रतिभा दिखाई। छात्रों ने सामूहिक रूप से योग, व्यायाम, गीत, मंत्रों का प्रदर्शन किया। छात्रों ने जौनसारी, हारुल, तांदी के साथ ही गोरखाली नृत्य की मनमोहक छटा बिखेरी।
कार्यक्रम का शुभारंभ आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति मेल मिलाप और आपसी सद्भाव का संदेश देती है। बच्चों को अपने माता-पिता का आदर करना चाहिए। बच्चों में संस्कार घर से ही आते हैं। बीते चार दशक से सेवा प्रकल्प संस्थान जनजातीय छात्रों के विकास के लिए कार्य कर रहा है। संस्थान के माध्यम से रोजाना दो घंटे की सांय कालीन संस्कार शाला का आयोजन किया जाता है। जिसमें छात्रों को पढ़ाई के साथ ही अन्य गतिविधियां भी सिखाईं जाती हैं। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के जिलाध्यक्ष नत्थी सिंह तोमर ने सभी का आभार व्यक्त किया। बतौर मुख्य वक्ता इंद्रेश ने संस्थान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में दूधिया बाबा सन्यास आश्रम रुद्रपुर के स्वामी शिवानंद भी मौजूद रहे।
इस मौके पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सेवानिवृत्त प्रमुख वन संरक्षक डॉ. आरबीएस रावत, दर्शनलाल, डॉ. दिनेश भंडारी, कुलदीप कुमार, देवराज, रविंद्र चौहान, संजय शर्मा कौशिक, नीरज चौहान, नवीन ठाकुर, मधु चौहान, कृष्णा तोमर, सुमित्रा चौहान, अरुण मित्तल, बलवंत, दिनेश रावत, राज कुमार, जीवन भट्ट, अब्बल सिंह तोपाल, शिव प्रसाद पुरोहित, उदयराज चौहान, युद्धवीर भंडारी, गोपाल, संदीप मोंगा, राजेश, धन सिंह, संदीप महावर, गुरुप्रीत सिंह, विपुल मूसला, जनार्दन जोशी, राजकुमार रोहिला, विनोद कश्यप आदि शामिल रहे।