श्रीनगर। विकास खंड कोट के सौड़ गांव के निवासियों ने सर्किल रेट पर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना के लिए नापभूमि देने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सर्किल रेट के अनुसार उनकी उपजाऊ और बहुपयोगी जमीन कौड़ियों के भाव जा रही है। आरवीएनएल (रेल विकास निगम लि.) जब जमीन के बाजार रेट देगा, तभी जमीन अधिग्रहीत करनी दी जाएगी। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने प्रतिकर प्रपत्र भरने आई प्रशासन और आरवीएनएल की टीम को बैरंग लौटा दिया।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना में नाप भूमि का प्रतिकर मामला अधिग्रहण में रोड़ा बना हुआ है। हालांकि सरकार ने सर्किल रेट के चार गुना प्रतिकर को मंजूरी दी है, लेकिन इन क्षेत्रों में सर्किल रेट की तुलना में बाजार रेट कई गुना ज्यादा है। इस वजह से प्रभावित काश्तकार मामूली कीमत में जमीन नहीं देना चाह रहे हैं। वर्तमान में प्रशासन की ओर से जमीन का प्रतिकर देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में प्रशासन और आरवीएनएल की टीम देवप्रयाग के समीप सौड़ गांव में प्रतिकर बांटने के लिए पहुंची।
प्रभावितों ने सर्किल रेट के आधार पर जमीन देने से मना करते हुए फार्म भरने से मना कर दिया। उनका कहना था कि सौड़ गांव का सर्किल रेट लगभग 14 हजार 800 रुपये प्रति नाली है। सर्किल रेट का चार गुना करने पर मात्र 59 हजार 200 रुपये ही हो रहा है, जबकि बाजार रेट तीन लाख रुपये अधिक है। स्थिति यह है कि कुछ प्रभावितों के हिस्से में 35-50 रुपये आ रहे हैं। इस अवसर पर नवीन नेगी, गौरव टोडरिया, लुसून टोडरिया, सुल्तान सिंह, दीवान सिंह आदि मौजूद थे। वहीं, डीजीएम डा. एसके बनरवाल ने कहा कि भूमि प्रतिकर संबंधी प्रकरण जिला प्रशासन को देखना है। ग्रामीणों को कहा गया कि वह लिखित रूप से अपनी आपत्ति प्रशासन को दें।