जोशीमठ। बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर कई जगह मलबा आने से शुक्रवार को करीब आठ घंटे तक बदरीनाथ धाम की यात्रा थमी रही। इस दौरान हजारों तीर्थयात्री बीच में ही फंस गए। अधिकांश यात्रियों को अपने वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। दोपहर करीब ढाई बजे हाईवे खुलने पर करीब पंद्रह हजार तीर्थयात्री गंतव्य को रवाना हो पाए।
बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे जोशीमठ क्षेत्र में जोरदार बारिश शुरू हुई जो सुबह छह बजे तक जारी रही। बारिश से टैय्या पुल से लेकर गोविंदघाट तक पांच जगहों पर मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया। शुक्रवार सुबह तक हाईवे नहीं खुलने पर यात्रा भी थम गई। यात्रा वाहनों को जोशीमठ, टैय्या पुल, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर, लामबगड़ और बदरीनाथ में ही रोक लिया गया। इस दौरान करीब पंद्रह हजार तीर्थयात्रियों को हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मजदूरों ने सुबह छह बजे से हाईवे को खोलने का काम शुरू किया। करीब सात घंटे तक मलबा हटाने के बाद दोपहर में एक बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया गया। हाईवे खुलते ही यात्री गंतव्य को रवाना हो गए।
हाईवे पर चौबीसों घंटे रहेगी जेसीबी
जोशीमठ। बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कर का कहना है कि बदरीनाथ हाईवे पर चिह्नित स्थानों पर जेसीबी मशीनें चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। हाईवे अवरुद्ध होने पर जल्द मशीनों से यातायात सुचारु करवाया जाएगा। हाईवे को अधिक देर तक बंद नहीं रहने दिया जाएगा। बृहस्पतिवार रात बारिश से हाईवे पर करीब पांच जगहों पर टनों मलबा आ गया था। मलबा हटाकर हाईवे को पूरी तरह से सुचारु कर लिया गया है। ब्यूरो
पानी को तरसे जाम में फंसे यात्री
जोशीमठ। हाईवे पर टैय्या पुल के समीप कोई पेयजल स्रोत और स्टैंड पोस्ट नहीं होने से जाम में फंसे यात्रियों को पानी के लिए तरसना पड़ा। चमोली पुलिस प्रशासन की ओर से तीर्थयात्रियों के लिए पानी और बिस्किट की व्यवस्था की गई थी लेकिन अधिकांश यात्रियों तक यह पानी नहीं पहुंच पाया। ब्यूरो