गैरसैंण। पानी को लेकर सुनार गांव तोल्यूं और धारगैड़ में चल रहा विवाद प्रशासन भी हल नहीं करा पाया। दोनों गांवों की महिलाएं अपनी-अपनी मांगों पर अड़ी रहीं लिहाजा प्रशासन को मामले को बिना सुलझाए ही लौटना पड़ा।
नगर के सुनार गांव तोल्यूं में पानी की दिक्कत है। सुनार गांव तोल्यूं की महिलाओं ने धारगैड़ से पानी की मांग की, लेकिन धारगैड़ के ग्रामीणों ने पानी कम होने की बात कहकर पानी देने से इंकार कर दिया। इस पर सुनार गांव तोल्यूं की महिलाओं ने अपने खेतों से धारगैड़ जाने वाली सड़क बीच से खोदकर यहां से आवाजाही बंद कर दी। ऐसे में धारगैड़ का यातायात बाधित हो गया। सुनार गांव तोल्यूं की महिलाओं ने कहा कि धारगैड़ के लिए बनाई गई सड़क में ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके खेत काट दिए गए, लेकिन जब खेतों के बदले धारगैड़ से एक स्टैंड पोस्ट पानी का मांगा तो धारगैड़ के ग्रामीण नहीं दे रहे हैं। इस पर सुनार गांव तोल्यूं के ग्रामीणों ने पानी नहीं आने और धारगैड़ की महिलाओं ने सड़क को खोदने की शिकायत एसडीएम से की थी। बृहस्पतिवार को एसडीएम स्मृता परमार अन्य अधिकारियों को लेकर मौके पर पहुंचीं, लेकिन सुनार गांव तोल्यूं और धारगैड़ की महिलाएं अपनी-अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। करीब एक घंटे तक समझाने के बाद भी मामला नहीं सुलझा तो प्रशासन बैरंग लौट गया। इस मौके पर नायब तहसीलदार नत्थी सिंह पंवार, राजस्व उप निरीक्षक शांति प्रसाद डिमरी, पुलिस उप निरीक्षक सुमित चौधरी, यशपाल गुर्साइं, तोल्यूं की ममंद अध्यक्ष अमरा देवी, पुष्पा देवी, आशा देवी, सुंदरी देवी, बिंदी देवी, शांता देवी , सरस्वती, मंजू तथा धारगैड़ गांव की ममंद अध्यक्ष विमला देवी, सुला देवी, कविता देवी, हेमा, जशी देवी, कमला देवी आदि मौजूद थे। एसडीएम ने कहा कि जल्द अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले को निस्तारित किया जाएगा।