आदिबदरी। तहसील के हरगांव, थापली, जैम और स्यालकोट गांवों में एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप है। ऐसे में ग्रामीण एक से दो किमी दूर जल स्रोतों और हैंडपंपों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा यदि जल्द गांवों में पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सुरेंद्र सिंह कुंवर, मुकेश खंडूड़ी, त्रिलोक सिंह बिष्ट और रमेश बरमोला आदि ने कहा कि गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए लाखों की लागत से बारह गांव पेयजल योजना की स्वीकृति मिली थी, लेकिन जल संस्थान के अधिकारियों की ओर से इस योजना का रख-रखाव नहीं किया गया। अब योजना क्षतिग्रस्त पड़ी है और ग्रामीणों को एक से दो किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों से पानी ढोना पड़ रहा है। शिकायत के एक माह बाद भी न तो पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की गई और न ही विभागीय कर्मचारी यहां समस्या का संज्ञान लेने पहुंचे। वहीं जल संस्थान के अवर अभियंता यशपाल बिष्ट ने बताया कि बारह गांव पेयजल योजना में कार्यरत संविदा के फीटरों की ओर से कार्य नहीं किए जाने से यहां पर पेयजल किल्लत बनी है। उन्होंने कहा कि एक दो दिन में पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी।