ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
भीषण गर्मी के बीच औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में अघोषित बिजली कटौती का खेल शुरू हो गया है। जिससे प्रदेश के उद्योगों की कमर टूटने लगी है। क्षेत्र में रोजाना तीन से चार घंटे के बीच बिजली कटौती हो रही है। उद्योग बार-बार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन ऊर्जा निगम उनकी इस मांग को पूरा करने में बेबस नजर आ रहा है।
मामले में उत्तराखंड प्रांतीय इंडस्ट्रीज के महासचिव अनिल मारवाह और उत्तराखंड इंडस्ट्रियल वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश शर्मा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि बीते एक माह से क्षेत्र में रोजाना तीन-चार घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। मई माह में अब तक 58 घंटे की अघोषित बिजली कटौती की जा चुकी है। जिससे औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन में काफी गिरावट आई है। इकाइयां अपने ऑर्डर के अनुरूप माल का उत्पादन नहीं कर पा रही हैं। जिससे ऑर्डर कैंसल होने का डर मंडराने लगा है। कर्मचारियों को खाली बैठा कर वेतन देने और जनरेटर से उत्पादन करने पर लागत बढ़ती है। कहा जल्द ही उक्त समस्या के निराकरण की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा सचिव से वार्ता करेगा।
क्षेत्र में हैं 300 से अधिक औद्योगिक इकाइयां
सेलाकुई स्थित औद्योगिक क्षेत्र में 300 से अधिक इकाइयां हैं। ऐसे में अघोषित कटौती के बीच इन सभी इकाइयों में उत्पादन कार्य प्रभावित होने लगा है। अघोषित कटौती के चलते समय पर ऑर्डर पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
क्षेत्र की कुछ लाइनों पर मेंटीनेंस का काम चल रहा है। कई बार लाइनों पर लोड भी बढ़ जाता है। ऐसे में लाइन ट्रीप न करें। इसके लिए बिजली कटौती की जा रही है।
- प्रवीन नेगी, एसडीओ यूपीसीएल