बदरीनाथ। श्री श्रीधर महोत्सव समिति की ओर से विश्व शांति और जन कल्याण के लिए बदरीनाथ धाम के परमार्थ निकेतन में चल रहे पुरुषोत्तम मास महोत्सव में श्रद्धालुओं का रैला उमड़ रहा है। विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंच रहे हैं। महोत्सव का आयोजन श्री झालरिया पीठ डीडवाना के पीठाधीश्वर स्वामी श्री घनश्यामाचार्य जी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है।
पुरुषोत्तम मास महोत्सव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पूज्य युवराज स्वामी श्री भूदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि जिस तरह गंगोत्री से अवतरित हो रही मां गंगा हरिद्वार, वाराणसी और प्रयाग से होते हुए जब तक सागर से नहीं मिलती तब तक विश्राम नहीं करती। उसी तरह भगवान के भक्त भी उनके चरणों के प्रति सदैव ही उन्मुख रहते हैं। प्रभु के प्रति हमेशा समर्पण का भाव रखें। उन्होंने सती की ओर से भगवान शिव को अपने पिता दक्ष राजा के यज्ञ में भाग न लेने पर देह परित्याग करने के मार्मिक प्रसंग का वर्णन भी किया। इस दौरान युवराज स्वामी के सुमधुर भजनों पर भक्तजन झूम उठे। व्यास पीठ ने भक्त प्रह्लाद के चरित्र का भी व्याख्यान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को बाल्यकाल से ही भक्ति करनी चाहिए क्योंकि वृद्धावस्था में न जप योग हो पाएगा और न ही तीर्थाटन की क्षमता रह पाएगी। महोत्सव में नासिक से आए 108 आचार्य पंडित श्रीमद्भागवत पाठ का पारायण कर रहे हैं।