कर्णप्रयाग। नगर में अब बिना नक्शा पास कराए मकान नहीं बना पाएंगे। प्राधिकरण के तहत जहां मकान बनाने के लिए निर्धारित भूमि से कम नहीं होनी चाहिए, वहीं मकान की ऊंचाई भी निर्धारित की गई है। अधिकारियों की मानें तो मई माह के तीसरे सप्ताह से क्षेत्रीय प्राधिकरण ने काम करना शुरू कर दिया है। अगर नियमों के अनुरूप काम नहीं हुआ है तो निर्माण कार्य ध्वस्त भी किए जा सकते हैं।
सत्तर के दशक में ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनने के बाद से अब तक नगर में कहीं भी मानकों के अनुरूप काम नहीं हुआ है। खेतों के अनुरूप यहां मकान खड़े किए हैं। बंदोबस्ती गूलें और रास्तों का कहीं पता नहीं तो पंचायत के मार्गों को लोगों ने कब्जा दिया है। ऐसे में नगर का अनियोजित विकास लोगों के लिए परेशानी का सबब बना है। मोहल्लों की तंग गलियों में कोई बड़ा सामान नहीं जा सकता। ऐसे में सितंबर 2017 में जारी हुए क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के शासनादेश से नगर के बचे हुए बाकी हिस्सों में सुनियोजित विकास होने की उम्मीद बंधी है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आरएस राणा ने बताया पूर्व में आवास ऋण के लिए केवल नक्शा पास किया जाता है, लेकिन अब क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के तहत सभी प्रकार के निर्माण, खासतौर पर मकान के लिए नक्शा पास करना जरूरी है। इसके तहत न्यूनतम 75 वर्ग मीटर में मकान का निर्माण किया जा सकता है, जिसमें मकान की लंबाई, ऊंचाई सभी कुछ तय है। साथ ही मार्गों के लिए जगह छोड़ने का प्रावधान भी है। एसडीएम जीआर बिनवाल ने कहा कि क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा। सितंबर 2017 के बाद विपरीत मानकों के निर्माण को ध्वस्त भी किया जा सकता है।