ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती ।
परमार्थ निकेतन से शनिवार को भारत के सीमांत प्रदेशों से होकर गुजरने वाली संपूर्ण भारत यात्रा को आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने तिरंगा दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्र और संविधान एक है, एक ध्वज और एक ही गान है। लिहाजा हम सभी को मिलकर भारत के स्वाभिमान, समृद्धि, शांति एवं स्वच्छता के लिए कार्य करने की जरूरत है। परमार्थ निकेतन गंगा तट पर पर्यावरण संरक्षण के निमित्त आयोजित मानस कथा में शनिवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे, विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश मंत्री प्रदीप कुमार मिश्रा, भारत लोक शिक्षा परिषद के इंद्र मोहन अग्रवाल और संपूर्ण भारत यात्रा के संयोजक साकेत मणि ने शिरकत की।
बताया गया कि आश्रम तट से निकली संपूर्ण भारत यात्रा स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, पौधरोपण, पर्यावरण एवं जल के संरक्षण का संदेश देते हुए देश के सीमांत प्रांतों से होकर गुजरेगी। यात्रा संयोजक साकेत मणि त्रिपाठी ने बताया कि गंगा जल से भरा कलश यात्रा के दौरान नदी बचाओ, जीवन बचाओ के साथ ही जल संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। इस यात्रा के माध्यम से प्रकृति, पर्यावरण, जल संरक्षण व गो संवर्धन का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि संपूर्ण भारत यात्रा के माध्यम से देश के बच्चे, युवा और आम जनता को जोड़कर उन्हें स्वच्छता, शिक्षा एवं पौधरोपण के प्रति जागरूक करना होगा। इस अवसर पर मानस कथावाचक मुरलीधर महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर्यावरण रक्षण की संस्कृति है। यहां पर नदियों को भी मां का दर्जा दिया जाता है, लिहाजा इनकी रक्षा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है।