देवप्रयाग। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के कार्यकारी निदेशक (वित्त) रोजी अग्रवाल ने नगर में नमामि गंगे परियोजना के तहत निर्माणाधीन घाटों और एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने टिहरी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर परियोजना के तहत हो रहे पौधरोपण का जायजा भी लिया।
शुक्रवार को अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ संगम स्थल पर बन रहे स्नान व शवदाह घाट सहित भागीरथी तट के भरत घाट पर बन रहे टोडेश्वर व रामकुंडघाट का निरीक्षण किया। निर्माण एजेंसी वाप्कोस के परियोजना अभियंता अंकुर गोयल ने अवगत कराया कि देवप्रयाग में नमामि गंगे के तहत लगभग पौने चार करोड़ की लागत से घाटों का निर्माण कार्य चल रहा है। जून माह तक काम पूरा हो जाएगा। अग्रवाल ने संगम को भव्य व सुरक्षित बनाने के लिए और रामकुंड में निर्मित एसटीपी से शेष नगर की सीवरेज लाइन जोड़ने पर विचार करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने वन्य जीव संस्थान व नमामि गंगे परियोजना के संयुक्त अभियान से जुड़े गंगा प्रहरियों से भी मुलाकात कर उनकी ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। वहीं इस दौरान नगरवासियों ने ज्ञापन सौंपकर कुंभनगरी के संगम को पूर्ण रुप से सुरक्षित बनाने की मांग की। मौके पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अभियंता वीपी भट्ट, डा. पूरन जोशी, विकास ध्यानी, अरविंद जियाल, दीपक बेडवाल, अरविंद कुमार, अमानत गिल, शताक्षी व निकिता आदि मौजूद थे।