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पंच प्यारों की अगुवाई में आज घांघरिया के लिए रवाना होगा श्रद्धालुओं का जत्था-compat

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जोशीमठ। हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह है। 25 मई से शुरू हो रही यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार तक करीब दो हजार तीर्थयात्री गोविंदघाट पहुंच चुके हैं। बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े आठ बजे हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा पंच प्यारों की अगुवाई में तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को घांघरिया के लिए रवाना करेंगे। जत्था 25 मई को हेमकुंड साहिब पहुंचेगा।
यात्रा मार्ग पर श्रीनगर, नगरासू, जोशीमठ और गोविंदघाट में स्थित गुरुद्वारे खुल गए हैं। गोविंदघाट में कंडी के साथ ही बड़ी संख्या में घोड़े-खच्चर भी पहुंचने लगे हैं। हेमकुंड की पैदल दूरी अधिक है। गोविंदघाट से चार किलोमीटर की दूरी पर पुलना गांव तक वाहन से और वहां से 16 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर हेमकुंड साहिब पहुंचा जाता है। यात्रा का पहला पड़ाव घांघरिया है। हेमकुंड में रात को ठहरने की व्यवस्था नहीं है, लिहाजा तीर्थयात्री हेमकुंड के दर्शन कर रात्रि विश्राम के लिए उसी दिन घांघरिया पहुंचते हैं। आस्था पथ पर अधिकांश बुजुर्ग और बच्चे घोड़े-खच्चर और कंडी से यात्रा करते हैं।
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गोविंदघाट गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि तीर्थयात्रा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 20 किलोमीटर मार्ग सुचारु है।

हेमकुंड में बिजली हुई सुचारु
जोशीमठ। हेमकुंड साहिब में बिजली सप्लाई भी सुचारु हो गई है। ऊर्जा निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने एक सप्ताह की मशक्कत के बाद हेमकुंड में बिजली सुचारु की। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता कैलाश कुमार का कहना है कि घांघरिया से हेमकुंड तक छह किलोमीटर मार्ग पर बिजली लाइन को व्यवस्थित कर 22 मई को देर शाम हेमकुंड में बिजली पहुंचा दी गई है। ब्यूरो

अटलाकुड़ी से ही हो जाएंगे बर्फ के दर्शन
जोशीमठ। हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को इस बार करीब से बर्फ देखने को मिलेगी। हेमकुंड साहिब में अभी भी करीब तीन फीट बर्फ जमीं हुई है। हेमकुंड में बर्फ काटकर रास्ता बनाया गया है। तीर्थयात्री रास्ते के दोनों ओर से बर्फ की दीवार के बीच से होकर गुजरेंगे। हेमकुंड साहिब के मुख्य दरवाजे से भी बर्फ हटा दी गई है, लेकिन गुरुद्वारे के चारों ओर अभी भी करीब तीन फीट बर्फ जमीं हुई है। हेमकुंड सरोवर में भी करीब डेढ़ फीट बर्फ जमीं है। हालांकि सरोवर में तीर्थयात्रियों के स्नान के लिए कुछ जगहों से बर्फ को हटा दिया गया है।
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हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा का कहना है कि तीर्थयात्री इस बार हेमकुंड साहिब से तीन किलोमीटर पहले अटलाकुड़ी से ही बर्फ का लुत्फ उठा सकेंगे। हेमकुंड में सभी आंतरिक मार्गों से बर्फ हटा दी गई है। तीर्थयात्रियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए धाम में एक एसडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी। ब्यूरो
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