नारायणबगड़/थराली।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पहाड़ में आग का कारण बन रहे पिरूल से अब बिजली उत्पादित की जाएगी। पिरूल से 150 किलोवाट बिजली सालाना के साथ ही 60 हजार लोगों को रोजगार भी मिलेगा। सरकार ने इसके लिए गांवों में महिला, युवक और पूर्व सैनिकों के समूह बनाकर काम करना शुरू कर दिया है। चमोली में चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद यह काम शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री थराली उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी मुन्नी देवी शाह के पक्ष में मंगलवार को नारायणबगड़ के परखाल, थराली के लोल्टी और सोलडुंग्री में चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में 1800 किमी सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत किया है। थराली विधानसभा क्षेत्र में ही 213 किमी सड़कों का निर्माण पीएमजीएसवाई के तहत किया जा रहा है, जबकि 88 किमी सड़कें लोनिवि बना रहा है। दुर्गम गांवों में डाक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में 1041 डॉक्टरों की नियुक्ति की जा चुकी है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि पिछली सरकार के पांच सालों में किए गए भ्रष्टाचारी गड्ढों को भरने के लिए भाजपा सरकार को छह माह लग गए। परखाल में चुनावी सभा को भाजपा के विधायक मुन्ना सिंह चौहान, शक्तिलाल शाह, ऋतु भूषण खंडूड़ी, पूर्व विधायक जीएल शाह, भूपालराम टम्टा, गोविंद सती, लोल्टी में विधायक गणेश जोशी, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, जिलाध्यक्ष नवल भट्ट, दलवीर दानू, प्रमुख राकेश जोशी, सोलडुंग्री में मीना फर्स्वाण, मोहन सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
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मुन्नी के संबोधन पर छलकी महिलाओं की आंखें
नारायणबगड़। परखाल में आयोजित जनसभा में मुन्नी देवी शाह ने कहा कि दिवंगत पति स्व. मगन लाल शाह के अधूरे कामों को आगे बढ़ाने के लिए वे चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने खुद के लिए नहीं बल्कि दिवंगत शाह के लिए समर्थन मांगा। इस पर दर्शक दीर्घा में कई महिलाओं की आंखें छलक पड़ीं। ब्यूरो
दुर्गम गांवों का होगा विकास
नारायणबगड़। विधानसभा क्षेत्र के सोल पट्टी, देवसारी और मींग सहित अन्य गांवों में आंदोलन की बात पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सभी दुर्गम गांवों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। जल्द गांवों में सड़क, बिजली, दूरसंचार के लिए बैलून मोबाइल टॉवर आदि योजनाएं उतारी जाएंगी। पिंडर घाटी में कई विकास योजनाओं के शासनादेश चुनाव आचार संहिता से पूर्व हो चुके हैं, जबकि अन्य आचार संहिता खत्म होने के बाद किए जाएंगे। ब्यूरो