ब्यूरो/अमर उजाला
कालसी। श्री दुर्गा माता मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास साध्वी सविता जमुना दास ने कहा कि गीता में जीवन का सार छिपा है। श्रीमद्भागवत गीता जीवन तत्व दर्शन और मोक्ष की प्राप्ति का साधन है। यह सार मनुष्य को अचेतना से चेतना की ओर ले जाता है। गीता के ज्ञान को आत्मसात करने वाले व्यक्ति को कभी कोई भी दुख व्याकुल नहीं करता। महान ऋषि और साधु संत भी गीता के ज्ञान को आत्मसात करते हुए ही अपने जीवन को आनंदमय बनाते हैं। नित्य ध्यान से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। सनातन धर्म से जुड़े रीति-रिवाज अंधविश्वास नहीं वैज्ञानिकता पर आधारित हैं। वैज्ञानिक भी इसे सत्य मानते हैं।
इस मौके पर आचार्य जय प्रकाश भट्ट, दिनेश अग्रवाल, मोनू, राहुल गुप्ता, अवंतिका, राखी, कृष नौटियाल, पुष्पा रोहिला, रेणुका रोहिला, प्रमिला नौटियाल, मानवी नौटियाल, इंदिरा चौहान, माधवी शर्मा, वसुधा शर्मा, आरती वर्मा, शुभम वर्मा, शालू अग्रवाल, ज्ञान देवी, नीतू अग्रवाल, स्वाति अग्रवाल आदि मौजूद रहे।