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पेयजल लाइन से की जा रही खेतों की सिंचाई

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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
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इन दिनों तहसील के अटाल समेत सात गांव में पानी का संकट बना हुआ है। नलों में बूंद-बूंद पानी आ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ काश्तकार विभागीय कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर उक्त पानी का इस्तेमाल टमाटर के खेतों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं। जिस कारण क्षेत्र में पानी का भीषण संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत अधिशासी अभियंता से की है।
शिकायती पत्र में ग्रामीण जयमोहन शर्मा, रामानंद, मोहनलाल, सिंगाराम, कुंवर सिंह, जगमोहन, मानदास, प्रताप सिंह आदि ने कहा है कि विभागीय कर्मचारियों की हीलाहवाली के कारण मजोग, कठंग, सरनाड़, अटाल, प्लासू, अणु, हेड़सू समेत सात गांव में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कुछ काश्तकारों ने कर्मचारियों से मिलीभगत कर उक्त गांव में पानी की सप्लाई करने वाली लाइन से खेतों को सिंचित करने वाली लाइन को टैप किया हुआ है। जिस कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। करीब एक सप्ताह से पेयजल किल्लत बनी हुई है। करीब 2000 की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कहा यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति को बहाल नहीं किया जाता तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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जल संस्थान के सहायक अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में नही है। यदि उक्त लाइन से अन्य लाइन को टैप कर खेतों की सिंचाई की जा रही है तो दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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