श्रीनगर। औद्यानिक प्रशिक्षण एवं परीक्षण केंद्र श्रीनगर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मशरूम उत्पादन, मौन पालन, फूलों की खेती आदि का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर उप निदेशक उद्यान रतन सिंह चौधरी ने व्यवसायिक खेती को आय दोगुनी करने का सबसे अच्छा साधन बताया।
शनिवार को विकास खंड खिर्सू के 30 किसानों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विभाग के प्रशिक्षण केंद्र श्रीनगर में संपन्न हुआ। इस मौके पर विशेषज्ञों की ओर से किसानों को अपने विषय से संबंधित जानकारी दी गई। उप निदेशक रतन सिंह चौधरी ने किसानों को सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए सब्जी पौधशाला प्रबंधन के बारे में बताया। देहरादून से पहुंचे डा. संजय कलम मशरूम अधिकारी ने मशरूम की खेती के बारे में जानकारी देते हुए इसे आय दोगुनी करने का सबसे अच्छा साधन बताया। वहीं डा. सतीश चंद्र मिश्रा ने जंगली जानवरों के उत्पात से बंजर हो रहे खेतों पर फूलों की खेती करने का सुझाव एवं खेती के बारे में जानकारी दी। जबकि एनएस चौधरी ने मौन पालन को अच्छा व्यवसाय बताया। कहा कि औषधीय गुणों से भरपूर शहद की बाजार में भारी मांग है। इसके अलावा राधेरमण ने किसानों को प्रोजेक्टर के माध्यम से खेती की जानकारी दी। प्रशिक्षण समापन के मौके पर उप निदेशक उद्यान रतन सिंह चौधरी ने किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए।